JAGTIV · Previous Year Questions

UPPSC

ENVIRONMENT · 2025

Previous Year Question

निम्नलिखित में से कौन-सा/से रामसर आर्द्रभूमि स्थल उत्तर प्रदेश में स्थित नहीं है/हैं?

  1. सरसई नावर झील

  2. समसपुर पक्षी अभयारण्य

  3. रुद्रसागर झील

  4. सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान

नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए:

A.

1 और 3

B.

3 और 4

C.

2 और 3

D.

1 और 2

Correct Answer: B

Detailed Solution

सरसई नावर झील (Sarsai Nawar Jheel) उत्तर प्रदेश के इटावा जिले की ताखा तहसील में स्थित एक स्थायी आर्द्रभूमि (Permanent Wetland) है। यह सिंधु-गंगा मैदान (Indo-Gangetic Plain) के आर्द्रभूमि पारिस्थितिक तंत्र का हिस्सा है और मुख्यतः दक्षिण-पश्चिम मानसून की वर्षा से पोषित होती है। इसे 19 सितंबर, 2019 को रामसर स्थल (Ramsar Site) के रूप में नामित किया गया था। लगभग 161 हेक्टेयर में विस्तृत यह झील विशेष रूप से सारस क्रेन (Sarus Crane—Antigone antigone) के संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण है। यहाँ सफेद पीठ वाला गिद्ध (White-rumped Vulture) और ऊनी गर्दन वाला सारस पक्षी (Woolly-necked Stork) जैसी संकटग्रस्त पक्षी प्रजातियाँ भी पाई जाती हैं। इसे बर्डलाइफ इंटरनेशनल (BirdLife International) द्वारा महत्वपूर्ण पक्षी क्षेत्र (Important Bird Area—IBA) के रूप में मान्यता प्राप्त है।

समसपुर पक्षी अभयारण्य (Samaspur Bird Sanctuary) उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में स्थित है। यह लगभग 799 हेक्टेयर में विस्तृत एक स्थायी निम्नभूमि दलदली आर्द्रभूमि (Perennial Lowland Marsh) है, जिसे 3 अक्टूबर, 2019 को रामसर स्थल के रूप में नामित किया गया था। इस अभयारण्य में छह परस्पर जुड़े जलाशय हैं, जो मानसूनी वर्षा से प्रभावित होते हैं। यहाँ 250 से अधिक स्थानीय एवं प्रवासी पक्षी प्रजातियाँ (Resident and Migratory Bird Species) दर्ज की गई हैं। इनमें मिस्र का गिद्ध (Egyptian Vulture), पलास का मछलीमार गरुड़ (Pallas's Fish Eagle) और कॉमन पोचार्ड (Common Pochard) जैसी संरक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण प्रजातियाँ शामिल हैं। यह आर्द्रभूमि मीठे जल की मछलियों, जलीय वनस्पतियों और स्थानीय जैव विविधता के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

रुद्रसागर झील (Rudrasagar Lake) उत्तर प्रदेश में नहीं, बल्कि पूर्वोत्तर भारत के त्रिपुरा राज्य में स्थित है। इसे 8 नवंबर, 2005 को रामसर स्थल के रूप में नामित किया गया था। लगभग 240 हेक्टेयर में विस्तृत यह एक मीठे जल की झील (Freshwater Lake) है, जिसमें तीन बारहमासी जलधाराओं (Perennial Streams) से जल आता है और इसका जल निकास गोमती नदी तंत्र से संबंधित है। यह झील स्थानीय मत्स्य संसाधनों, जलीय जैव विविधता और भूजल पुनर्भरण (Groundwater Recharge) के लिए महत्वपूर्ण है। इसके पारिस्थितिक तंत्र में विभिन्न मीठे जल की मछलियाँ तथा थ्री-स्ट्राइप्ड रूफ्ड टर्टल (Three-striped Roofed Turtle) जैसी प्रजातियाँ पाई जाती हैं। वनों की कटाई से बढ़ने वाला अवसादन (Sedimentation), कृषि विस्तार और भूमि उपयोग परिवर्तन इस आर्द्रभूमि के प्रमुख पर्यावरणीय दबाव हैं।

सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान (Sultanpur National Park) उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में नहीं, बल्कि हरियाणा के गुरुग्राम जिले में स्थित है। इसे 25 मई, 2021 को रामसर स्थल के रूप में नामित किया गया था और इसका क्षेत्रफल लगभग 143 हेक्टेयर है। यह उथली झील (Shallow Lake), मौसमी जलीय वनस्पतियों और घासभूमियों (Grasslands) से निर्मित एक महत्वपूर्ण पक्षी आवास है। यहाँ 220 से अधिक स्थानीय एवं प्रवासी जलपक्षी प्रजातियाँ (Resident and Migratory Waterbird Species) पाई जाती हैं। इनमें सोशिएबल लैपविंग (Sociable Lapwing), मिस्र का गिद्ध (Egyptian Vulture) और बार-हेडेड गूज (Bar-headed Goose) जैसी प्रजातियाँ शामिल हैं। रामसर अभिसमय (Ramsar Convention) को वर्ष 1971 में ईरान के रामसर शहर में अपनाया गया था, जिसका प्रमुख उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमियों का संरक्षण और उनका विवेकपूर्ण उपयोग (Wise Use) सुनिश्चित करना है।

Continue practicing free PYQs with your JAGTIV account.