Previous Year Question
सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए और सूचियों के नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
सूची-I (कोयला भंडार) | सूची-II (राज्य) |
A. हुतर | 1. मध्य प्रदेश |
B. इब नदी | 2. छत्तीसगढ़ |
C. तातापानी–रामकोला | 3. ओडिशा |
D. उमरिया | 4. झारखंड |
कूट:
A–3, B–2, C–4, D–1
A–2, B–1, C–3, D–4
A–4, B–3, C–2, D–1
A–4, B–2, C–3, D–1
Correct Answer: C
Detailed Solution
हुतर कोयला क्षेत्र (Hutar Coalfield) झारखंड के पलामू क्षेत्र में स्थित है और गोंडवाना कोयला निक्षेपों (Gondwana Coal Deposits) से संबंधित है। यह क्षेत्र दामोदर घाटी से अलग उत्तर कोयल नदी (North Koel River) के जलग्रहण क्षेत्र में स्थित कोयला संसाधनों के लिए जाना जाता है। हुतर कोयला क्षेत्र में भूमिगत कोयला भंडार पाए जाते हैं तथा इसके हुतर सेक्टर-C (Hutar Sector-C) और हुरिलोंग (Hurilong) जैसे ब्लॉकों का उल्लेख भारत सरकार के कोयला ब्लॉक आवंटन संबंधी अभिलेखों में मिलता है। इसका संबंध झारखंड के कोयला संसाधनों से है।
इब नदी कोयला क्षेत्र (Ib River Coalfield) ओडिशा के प्रमुख कोयला उत्पादक क्षेत्रों में से एक है। यह मुख्यतः झारसुगुड़ा (Jharsuguda) और सुंदरगढ़ (Sundargarh) जिलों में विस्तृत है तथा महानदी नदी तंत्र की सहायक इब नदी से संबंधित है। यह गोंडवाना काल के कोयला निक्षेपों के लिए प्रसिद्ध है और यहाँ मुख्यतः तापीय ऊर्जा उत्पादन में उपयोग होने वाला गैर-कोकिंग कोयला (Non-Coking Coal) पाया जाता है। इस क्षेत्र में लखनपुर (Lakhanpur), बेलपहाड़ (Belpahar) और समलेश्वरी (Samaleswari) जैसी महत्वपूर्ण कोयला खदानें स्थित हैं। इन खदानों का संचालन मुख्यतः महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (Mahanadi Coalfields Limited—MCL) द्वारा किया जाता है।
तातापानी–रामकोला कोयला क्षेत्र (Tatapani–Ramkola Coalfield) उत्तरी छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज क्षेत्र में स्थित है। यह सोन–महानदी बेसिन (Son–Mahanadi Basin) की गोंडवाना शैल संरचनाओं से संबंधित एक महत्वपूर्ण कोयला क्षेत्र है। यहाँ कोयले के निक्षेप मुख्यतः बराकर संरचना (Barakar Formation) तथा कुछ स्थानों पर रानीगंज संरचना (Raniganj Formation) से जुड़े हैं। इस क्षेत्र में मेघुली (Meghuli) और सोंडीहा (Sondiha) जैसे कोयला ब्लॉक स्थित हैं। कोयला मंत्रालय के अभिलेखों में तातापानी–रामकोला को छत्तीसगढ़ के कोयला संसाधन क्षेत्र के रूप में दर्ज किया गया है।
उमरिया कोयला क्षेत्र (Umaria Coalfield) मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में स्थित है और गोंडवाना अवसादी शैल समूह (Gondwana Sedimentary Rock Group) से संबंधित है। यह क्षेत्र मध्य भारत की कोयला संपदा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उमरिया जिले में कोयले के निक्षेप मुख्यतः तलचिर (Talchir), बराकर (Barakar) तथा उनसे संबंधित अवसादी संरचनाओं में पाए जाते हैं। जिले में साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (South Eastern Coalfields Limited—SECL) द्वारा कोयला खनन गतिविधियाँ संचालित की जाती हैं। यहाँ का कोयला विद्युत उत्पादन और अन्य औद्योगिक गतिविधियों में उपयोगी है। उमरिया जिले में संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र (Sanjay Gandhi Thermal Power Station) भी स्थित है।