Previous Year Question
सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए तथा नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए।
सूची-I (राष्ट्रीय उद्यान) | सूची-II (राज्य) |
A. इंद्रावती | 1. झारखंड |
B. मोलेम | 2. हरियाणा |
C. कालेसर | 3. गोवा |
D. बेतवा | 4. छत्तीसगढ़ |
कूट :
A–4, B–3, C–2, D–1
A–4, B–2, C–3, D–1
A–4, B–1, C–3, D–2
A–3, B–4, C–2, D–1
Correct Answer: A
Detailed Solution
इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान (Indravati National Park) छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में स्थित है। इसका नाम इंद्रावती नदी के नाम पर रखा गया है, जो इसके उत्तरी भाग की सीमा बनाती है। यह राष्ट्रीय उद्यान मध्य भारतीय वन पारिस्थितिक तंत्र का एक महत्वपूर्ण संरक्षण क्षेत्र है। यहाँ उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन (Tropical Deciduous Forests), बाँस तथा विभिन्न वन्यजीव पाए जाते हैं। यह दुर्लभ जंगली भैंसे (Wild Water Buffalo) के संरक्षण के लिए विशेष रूप से जाना जाता है। इंद्रावती टाइगर रिजर्व भी इसी क्षेत्र से संबंधित है।
मोलेम राष्ट्रीय उद्यान (Mollem National Park) गोवा में पश्चिमी घाट (Western Ghats) की पर्वत शृंखलाओं में स्थित है। इसका आधिकारिक नाम भगवान महावीर (मोलेम) राष्ट्रीय उद्यान है। गोवा वन विभाग के अनुसार, वर्ष 1978 में भगवान महावीर वन्यजीव अभयारण्य के मुख्य भाग को राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया था। इसका क्षेत्रफल लगभग 107 वर्ग किलोमीटर है। यहाँ उष्णकटिबंधीय नम पर्णपाती वन (Tropical Moist Deciduous Forests), सदाबहार वन, तेंदुए, गौर तथा अनेक पक्षी प्रजातियाँ पाई जाती हैं। यह पश्चिमी घाट की जैव विविधता के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
कालेसर राष्ट्रीय उद्यान (Kalesar National Park) हरियाणा के यमुनानगर जिले में शिवालिक पर्वतमाला (Shivalik Range) की तलहटी में स्थित है। इसे 8 दिसंबर 2003 को राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया था। यहाँ साल (Sal), खैर (Khair) तथा अन्य पर्णपाती वृक्षों के वन पाए जाते हैं। तेंदुआ, सांभर, चीतल, जंगली सूअर और अनेक पक्षी इसके प्रमुख वन्यजीव हैं। यह क्षेत्र हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और हरियाणा के बीच वन्यजीवों के आवागमन के लिए महत्वपूर्ण पारिस्थितिक संपर्क प्रदान करता है।
बेतला राष्ट्रीय उद्यान (Betla National Park) झारखंड के लातेहार जिले में स्थित है और पलामू टाइगर रिजर्व (Palamau Tiger Reserve) का हिस्सा है। झारखंड वन विभाग के अनुसार, इसे वर्ष 1986 में राष्ट्रीय उद्यान के रूप में अधिसूचित किया गया था। इसका क्षेत्रफल लगभग 226.33 वर्ग किलोमीटर है। यहाँ साल के वन, घासभूमियाँ तथा मिश्रित पर्णपाती वन पाए जाते हैं। हाथी, तेंदुआ, चीतल, गौर और अन्य वन्यजीव इसके प्रमुख आकर्षण हैं। पलामू भारत के उन प्रारंभिक नौ बाघ अभयारण्यों में शामिल था, जिन्हें प्रोजेक्ट टाइगर के अंतर्गत चुना गया था।