Previous Year Question
निम्नलिखित ऊर्जा स्रोतों में से कौन पर्यावरणीय प्रदूषण नहीं उत्पन्न करता है ?
नाभिकीय ऊर्जा
सौर ऊर्जा
पेट्रोलियम ऊर्जा
कोयला ऊर्जा
Correct Answer: B
Detailed Solution
सौर ऊर्जा (Solar Energy) सूर्य से प्राप्त होने वाली एक नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) है, जिसे पर्यावरण के अनुकूल स्वच्छ ऊर्जा स्रोत माना जाता है। सौर फोटोवोल्टिक प्रणाली (Solar Photovoltaic System—PV) सूर्य के प्रकाश को सीधे विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करती है। इस प्रक्रिया में किसी ईंधन का दहन (Combustion) नहीं होता, इसलिए बिजली उत्पादन के दौरान कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂), सल्फर डाइऑक्साइड (SO₂), नाइट्रोजन ऑक्साइड (NOₓ) तथा कणीय पदार्थ (Particulate Matter) जैसे वायु प्रदूषकों का प्रत्यक्ष उत्सर्जन नहीं होता।
सौर फोटोवोल्टिक सेल (Solar Photovoltaic Cell) में सामान्यतः सिलिकॉन (Silicon) जैसे अर्धचालक (Semiconductor) पदार्थों का उपयोग किया जाता है। जब सूर्य के फोटॉन (Photons) इन पदार्थों पर पड़ते हैं, तो फोटोवोल्टिक प्रभाव (Photovoltaic Effect) के कारण विद्युत धारा उत्पन्न होती है। सौर ऊर्जा का उपयोग विद्युत उत्पादन, जल तापन (Solar Water Heating), कृषि सिंचाई, प्रकाश व्यवस्था और अन्य घरेलू तथा औद्योगिक कार्यों में किया जाता है। यह जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम करने और ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को सीमित करने में सहायक है।
नाभिकीय ऊर्जा (Nuclear Energy) में यूरेनियम जैसे भारी परमाणुओं के नाभिकीय विखंडन (Nuclear Fission) से ऊष्मा प्राप्त की जाती है, जिसका उपयोग विद्युत उत्पादन में होता है। नाभिकीय विद्युत संयंत्रों से सामान्य संचालन के दौरान CO₂ तथा प्रमुख वायु प्रदूषकों का प्रत्यक्ष उत्सर्जन नहीं होता, लेकिन इनमें रेडियोधर्मी अपशिष्ट (Radioactive Waste) उत्पन्न होता है। इस अपशिष्ट के सुरक्षित भंडारण और निपटान की विशेष व्यवस्था आवश्यक होती है। इसके विपरीत, पेट्रोलियम (Petroleum) और कोयले (Coal) के दहन से CO₂, SO₂, NOₓ तथा सूक्ष्म कण उत्पन्न हो सकते हैं, जो वायु प्रदूषण, अम्लीय वर्षा (Acid Rain) और जलवायु परिवर्तन में योगदान देते हैं।
सौर ऊर्जा को पूर्णतः शून्य पर्यावरणीय प्रभाव वाला स्रोत नहीं माना जाता। सौर पैनलों के निर्माण में सिलिकॉन, काँच और धातुओं का उपयोग होता है, जिनके खनन, प्रसंस्करण और निर्माण में ऊर्जा तथा संसाधन खर्च होते हैं। पुराने पैनलों का अनुचित निपटान भी पर्यावरणीय समस्याएँ उत्पन्न कर सकता है। इसलिए सौर ऊर्जा का समग्र पर्यावरणीय प्रभाव उसके संपूर्ण जीवन-चक्र (Life Cycle) पर निर्भर करता है। हालाँकि संचालन के दौरान सौर फोटोवोल्टिक प्रणालियाँ प्रत्यक्ष वायु प्रदूषण नहीं करतीं और जीवाश्म ईंधन आधारित विद्युत उत्पादन की तुलना में इनका जीवन-चक्र ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन सामान्यतः काफी कम होता है।