JAGTIV · Previous Year Questions

UPPSC

ENVIRONMENT · 2017

Previous Year Question

सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए तथा सही उत्तर सूचियों के नीचे दिए गए कूट से चुनिए—

सूची-I

सूची-II

A. उष्णकटिबंधीय वन

1. सुंदरबन

B. शंकुवृक्ष वन

2. हिमाचल प्रदेश

C. कच्छ वनस्पति

3. राजस्थान

D. पतझड़ वन

4. साइलेंट वैली

कूट :

A.

A–1, B–2, C–4, D–3

B.

A–2, B–1, C–4, D–3

C.

A–1, B–4, C–2, D–3

D.

A–4, B–2, C–1, D–3

Correct Answer: D

Detailed Solution

उष्णकटिबंधीय वन (Tropical Forests) — साइलेंट वैली: साइलेंट वैली राष्ट्रीय उद्यान (Silent Valley National Park) केरल के पश्चिमी घाट (Western Ghats) में स्थित है। यह उष्णकटिबंधीय सदाबहार वर्षावनों (Tropical Evergreen Rainforests) का प्रमुख उदाहरण है। यहाँ अधिक वर्षा, ऊँची आर्द्रता और अनुकूल तापमान के कारण घने, बहुस्तरीय वन विकसित हुए हैं। यह क्षेत्र सिंहपुच्छ वानर (Lion-tailed Macaque) जैसी दुर्लभ प्रजातियों तथा समृद्ध जैव विविधता के संरक्षण के लिए प्रसिद्ध है।

शंकुवृक्ष वन (Coniferous Forests) — हिमाचल प्रदेश: शंकुवृक्ष वन मुख्यतः पर्वतीय क्षेत्रों में ठंडी जलवायु और अपेक्षाकृत अधिक ऊँचाई पर पाए जाते हैं। हिमाचल प्रदेश में देवदार (Deodar), चीड़ (Pine), फर (Fir) तथा स्प्रूस (Spruce) इनके प्रमुख वृक्ष हैं। इनमें से अधिकांश वृक्ष सदाबहार होते हैं और इनकी पत्तियाँ सुई जैसी (Needle-like Leaves) होती हैं। शंकु (Cones) के माध्यम से बीज उत्पन्न करना इनकी प्रमुख विशेषता है। हिमाचल प्रदेश के समशीतोष्ण पर्वतीय क्षेत्रों में व्यापक शंकुधारी वन पाए जाते हैं।

कच्छ वनस्पति (Mangrove Vegetation) — सुंदरबन: सुंदरबन भारत के पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश में गंगा-ब्रह्मपुत्र-मेघना डेल्टा क्षेत्र में स्थित है। यह विश्व के सबसे बड़े मैंग्रोव वन क्षेत्रों में शामिल है। मैंग्रोव वनस्पतियाँ समुद्र तटीय खारे या लवणीय जल (Saline Water) और ज्वारीय क्षेत्रों (Tidal Regions) में विकसित होती हैं। इनमें लवण सहनशीलता (Salt Tolerance) तथा विशेष प्रकार की श्वसन जड़ों (Pneumatophores) जैसे अनुकूलन पाए जाते हैं। सुंदरबन में सुंदरी (Heritiera fomes) प्रमुख वृक्ष प्रजातियों में से एक है। यह क्षेत्र रॉयल बंगाल टाइगर और अनेक जलीय एवं स्थलीय प्रजातियों के लिए महत्वपूर्ण आवास है।

पतझड़ वन (Deciduous Forests) — राजस्थान: पतझड़ वनों में वृक्ष सामान्यतः शुष्क या प्रतिकूल मौसम में जल की हानि कम करने के लिए अपनी पत्तियाँ गिरा देते हैं। राजस्थान के पूर्वी तथा दक्षिण-पूर्वी भागों में उष्णकटिबंधीय शुष्क पतझड़ वन (Tropical Dry Deciduous Forests) पाए जाते हैं। इनका विस्तार अरावली के कुछ भागों तथा अलवर, भरतपुर और धौलपुर जैसे क्षेत्रों में मिलता है। यहाँ धोक (Anogeissus pendula), खैर (Senegalia catechu) तथा अन्य शुष्क परिस्थितियों के अनुकूल वृक्ष पाए जाते हैं। राजस्थान के पश्चिमी शुष्क क्षेत्रों में मुख्यतः उष्णकटिबंधीय कँटीले वन (Tropical Thorn Forests) होते हैं; इसलिए पूरे राजस्थान को पतझड़ वन क्षेत्र नहीं माना जाता।

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