Previous Year Question
निम्नलिखित में से कौन एक सही सुमेलित नहीं है ?
राजाजी राष्ट्रीय उद्यान : हाथी
पेरियार राष्ट्रीय उद्यान : हंगुल
मानस राष्ट्रीय उद्यान : हाथी
दुधवा राष्ट्रीय उद्यान : टाइगर
Correct Answer: B
Detailed Solution
पेरियार राष्ट्रीय उद्यान (Periyar National Park) भारत के केरल राज्य में पश्चिमी घाट (Western Ghats) के अंतर्गत स्थित है। यह पेरियार टाइगर रिज़र्व (Periyar Tiger Reserve) का हिस्सा है और मुख्यतः बाघ (Tiger), एशियाई हाथी (Asian Elephant), गौर (Gaur), सांभर (Sambar) तथा अन्य वन्यजीवों के संरक्षण के लिए प्रसिद्ध है। इसके विपरीत, हंगुल (Hangul) अथवा कश्मीर बारहसिंगा (Kashmir Stag) मुख्यतः जम्मू-कश्मीर के दाचीगाम राष्ट्रीय उद्यान (Dachigam National Park) में पाया जाता है। दाचीगाम राष्ट्रीय उद्यान श्रीनगर से लगभग 22 किलोमीटर दूर स्थित है।
राजाजी राष्ट्रीय उद्यान (Rajaji National Park) उत्तराखंड में शिवालिक पर्वतश्रेणी (Shivalik Range) की तलहटी में स्थित है। यह एशियाई हाथियों के महत्वपूर्ण प्राकृतिक आवासों में से एक है। इस राष्ट्रीय उद्यान का गठन 1983 में राजाजी, मोतीचूर और चिल्ला वन्यजीव अभयारण्यों को मिलाकर किया गया था। इसका क्षेत्रफल लगभग 820 वर्ग किलोमीटर है। यहाँ हाथियों के अतिरिक्त बाघ, तेंदुआ (Leopard), सांभर, चीतल तथा अनेक पक्षी प्रजातियाँ पाई जाती हैं। राजाजी का क्षेत्र एशियाई हाथियों के उत्तर-पश्चिमी प्राकृतिक वितरण क्षेत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
मानस राष्ट्रीय उद्यान (Manas National Park) असम राज्य में हिमालय की तलहटी में स्थित है और भारत-भूटान सीमा के निकट विस्तृत है। यह बाघ, एशियाई हाथी, एक सींग वाला भारतीय गैंडा (Greater One-horned Rhinoceros), पिग्मी हॉग (Pygmy Hog) तथा अन्य संकटग्रस्त वन्यजीवों का महत्वपूर्ण आवास है। मानस को 1985 में UNESCO विश्व प्राकृतिक धरोहर स्थल (World Natural Heritage Site) के रूप में मान्यता मिली थी। यहाँ उष्णकटिबंधीय वन, नदी तटीय घास के मैदान (Riverine Grasslands) तथा विभिन्न प्रकार के वन पारिस्थितिकी तंत्र पाए जाते हैं। मानस का क्षेत्र हाथियों के संरक्षण और उनके प्राकृतिक आवागमन के लिए महत्वपूर्ण है।
दुधवा राष्ट्रीय उद्यान (Dudhwa National Park) उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में भारत-नेपाल सीमा के निकट तराई क्षेत्र (Terai Region) में स्थित है। इसकी स्थापना 1977 में राष्ट्रीय उद्यान के रूप में की गई थी। यह बाघों के संरक्षण के लिए प्रसिद्ध है और दुधवा टाइगर रिज़र्व का महत्वपूर्ण हिस्सा है। दुधवा टाइगर रिज़र्व में दुधवा राष्ट्रीय उद्यान के अतिरिक्त किशनपुर (Kishanpur) और कतर्नियाघाट (Katerniaghat) वन्यजीव अभयारण्य भी शामिल हैं। यहाँ बाघ, बारहसिंगा (Swamp Deer), हाथी, एक सींग वाला गैंडा तथा अनेक पक्षी प्रजातियाँ पाई जाती हैं।