Previous Year Question
सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए तथा सूचियों के नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए।
सूची-I (देवता) | सूची-II (प्रतीक) |
A. शिव | 1. चक्र |
B. विष्णु | 2. त्रिशूल |
C. गणेश | 3. वीणा |
D. सरस्वती | 4. रस्सी अथवा पाश |
कूट:
A–2, B–1, C–4, D–3
A–4, B–3, C–1, D–2
A–3, B–4, C–2, D–1
A–1, B–2, C–3, D–4
Correct Answer: A
Detailed Solution
A. शिव — त्रिशूल (2)। भगवान शिव का प्रमुख प्रतीक त्रिशूल (Trishula) है। भारतीय धार्मिक परंपराओं में त्रिशूल को तीन गुणों—सत्त्व, रजस और तमस—तथा सृष्टि, स्थिति और संहार जैसी अवधारणाओं से प्रतीकात्मक रूप से जोड़ा जाता है। शिव की प्रतिमाओं में त्रिशूल के अतिरिक्त डमरू, सर्प, अर्धचंद्र और तीसरा नेत्र भी प्रमुख पहचान हैं। शिव का नटराज स्वरूप ब्रह्मांडीय नृत्य का प्रतीक माना जाता है।
B. विष्णु — चक्र (1)। भगवान विष्णु का प्रमुख आयुध सुदर्शन चक्र (Sudarshana Chakra) है। चक्र को धर्म की रक्षा, दुष्ट शक्तियों के विनाश तथा ब्रह्मांडीय व्यवस्था के संरक्षण से जोड़ा जाता है। विष्णु की चतुर्भुजी प्रतिमाओं में सामान्यतः शंख, चक्र, गदा और पद्म प्रदर्शित किए जाते हैं। भारतीय मूर्तिकला में ये चारों आयुध विष्णु की पहचान के महत्वपूर्ण प्रतीक हैं।
C. गणेश — रस्सी अथवा पाश (4)। भगवान गणेश के प्रमुख आयुधों में पाश (Pasha) और अंकुश (Ankusha) शामिल हैं। पाश का उपयोग प्रतीकात्मक रूप से बंधनों और बाधाओं पर नियंत्रण के संदर्भ में समझा जाता है, जबकि अंकुश मार्गदर्शन तथा नियंत्रण का प्रतीक माना जाता है। गणेश की प्रतिमाओं में टूटा हुआ दाँत, मोदक और मूषक वाहन भी प्रमुख पहचान हैं। इन्हें विघ्नहर्ता तथा शुभ कार्यों के आरंभ में पूजनीय देवता माना जाता है।
D. सरस्वती — वीणा (3)। देवी सरस्वती का प्रमुख प्रतीक वीणा (Veena) है। हिंदू परंपरा में उन्हें विद्या, ज्ञान, संगीत, कला और वाणी की देवी माना जाता है। वीणा संगीत, कलात्मक अभिव्यक्ति तथा ज्ञान के सामंजस्य का प्रतीक है। सरस्वती की प्रतिमाओं में वीणा के अतिरिक्त पुस्तक, माला, कमल तथा हंस भी प्रमुख प्रतीकों के रूप में दिखाई देते हैं।