JAGTIV · Previous Year Questions

UPPSC

GENERAL KNOWLEDGE · 2011

Previous Year Question

निम्नलिखित में से कौन-सा मंदिर शैलकृत वास्तुकला का आश्चर्य माना जाता है?

A.

बृहदीश्वर मंदिर, तंजावुर

B.

लिंगराज मंदिर, भुवनेश्वर

C.

कैलाश मंदिर, एलोरा

D.

कंदारिया महादेव मंदिर, खजुराहो

Correct Answer: C

Detailed Solution

कैलाश मंदिर, महाराष्ट्र के एलोरा में स्थित भारतीय शैलकृत वास्तुकला (Rock-Cut Architecture) का अद्भुत उदाहरण है। यह भगवान शिव को समर्पित है तथा एलोरा की गुफा संख्या 16 में स्थित है। इसका निर्माण आठवीं शताब्दी में राष्ट्रकूट शासक कृष्ण प्रथम (लगभग 756–773 ई.) के संरक्षण में हुआ था।

इस मंदिर की प्रमुख विशेषता इसका एकाश्म निर्माण (Monolithic Construction) है। इसे पत्थरों को जोड़कर बनाने के बजाय एक विशाल बेसाल्ट चट्टान को ऊपर से नीचे की ओर काटकर तैयार किया गया। इसमें मुख्य मंदिर, मंडप, नंदी मंडप, विशाल प्रांगण और मूर्तियों को मूल चट्टान से ही तराशा गया है। निर्माण की यह तकनीक इसे भारतीय शैलकृत स्थापत्य की असाधारण उपलब्धि बनाती है।

कैलाश मंदिर की दीवारों पर रामायण और महाभारत से संबंधित दृश्य तथा शिव की विभिन्न मूर्तियाँ उत्कीर्ण हैं। इनमें रावण द्वारा कैलाश पर्वत उठाने का प्रयास दर्शाने वाली मूर्ति विशेष रूप से प्रसिद्ध है। एलोरा में बौद्ध, हिन्दू और जैन परंपराओं से संबंधित कुल 34 प्रमुख गुफाएँ हैं। इस परिसर को 1983 में UNESCO विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया था।

अन्य विकल्पों में बृहदीश्वर मंदिर, तंजावुर का निर्माण चोल शासक राजराज प्रथम ने लगभग 1010 ई. में द्रविड़ शैली में कराया था। लिंगराज मंदिर, भुवनेश्वर का ग्यारहवीं शताब्दी का मंदिर है, जो कलिंग स्थापत्य शैली का प्रमुख उदाहरण है। कंदारिया महादेव मंदिर, खजुराहो का निर्माण चन्देल शासकों के काल में ग्यारहवीं शताब्दी में हुआ तथा यह नागर शैली का उत्कृष्ट उदाहरण है। ये तीनों निर्मित संरचनात्मक मंदिर हैं, जबकि कैलाश मंदिर चट्टान काटकर बनाया गया है।

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