Previous Year Question
निम्नलिखित में से कौन महिला स्वतंत्रता सेनानी ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ से संबंधित नहीं है?
मातांगिनी हाजरा
कनक लता बरुआ
शांति घोष
अरुणा आसफ अली
Correct Answer: C
Detailed Solution
शांति घोष ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ से संबंधित नहीं थीं; उनकी प्रमुख क्रांतिकारी गतिविधि 1931 की थी।
मातांगिनी हाजरा भारत छोड़ो आंदोलन से सक्रिय रूप से जुड़ी थीं। 1942 में बंगाल के तामलुक क्षेत्र में उन्होंने ब्रिटिश शासन के विरुद्ध जन-आंदोलन में भाग लिया। 29 सितंबर 1942 को वे एक बड़े जुलूस का नेतृत्व करते हुए आगे बढ़ीं और पुलिस की गोलीबारी में शहीद हो गईं।
कनक लता बरुआ भी भारत छोड़ो आंदोलन से जुड़ी थीं। 20 सितंबर 1942 को असम के गोहपुर में वे हाथ में तिरंगा लेकर पुलिस थाने पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए निकले जुलूस का नेतृत्व कर रही थीं। पुलिस की गोलीबारी में वे शहीद हो गईं।
अरुणा आसफ अली भारत छोड़ो आंदोलन की प्रमुख महिला नेताओं में थीं। अगस्त 1942 में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की गिरफ्तारी के बाद उन्होंने बम्बई के गोवालिया टैंक मैदान में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और इसके बाद भूमिगत रहकर आंदोलन को आगे बढ़ाया।
इसके विपरीत शांति घोष की प्रमुख क्रांतिकारी गतिविधि 1931 में हुई थी। वे युगांतर क्रांतिकारी संगठन से जुड़ी थीं। उन्होंने अपनी साथी सुनीति चौधरी के साथ 14 दिसंबर 1931 को कोमिला के जिला मजिस्ट्रेट सी. जी. बी. स्टीवन्स की गोली मारकर हत्या की।
इस घटना के बाद शांति घोष को आजीवन कारावास की सजा दी गई। कम आयु के कारण उन्हें मृत्युदंड नहीं दिया गया और वे 1939 में रिहा हुईं। उनकी प्रमुख ऐतिहासिक पहचान 1930 के दशक के क्रांतिकारी आंदोलन से है, न कि 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन से।