Previous Year Question
जलियांवाला बाग हत्याकाण्ड के विरोध में किसने ब्रिटिश सरकार की ‘नाइटहुड’ की उपाधि को लौटा दिया था?
शंकरन नायर
रविन्द्रनाथ टैगोर
रामेश्वर सिंह
मु. अली जिन्ना
Correct Answer: B
Detailed Solution
जलियांवाला बाग हत्याकाण्ड के विरोध में रविन्द्रनाथ टैगोर ने अपनी ‘नाइटहुड’ की उपाधि लौटा दी थी।
13 अप्रैल 1919 को अमृतसर के जलियांवाला बाग में निहत्थी सभा पर ब्रिटिश सैनिकों ने गोलीबारी की। इस घटना ने पूरे भारत में गहरा आक्रोश उत्पन्न किया और ब्रिटिश शासन की दमनात्मक नीति के विरुद्ध विरोध को तेज कर दिया।
रविन्द्रनाथ टैगोर को ब्रिटिश क्राउन ने 1915 में Knighthood प्रदान किया था। जलियांवाला बाग की घटना के बाद उन्होंने इस सम्मान को अपने पास बनाए रखना उचित नहीं माना।
टैगोर ने 29–30 मई 1919 के आसपास वायसराय लॉर्ड चेम्सफोर्ड को पत्र लिखकर अपनी Knighthood त्यागने की घोषणा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी परिस्थिति में सरकारी सम्मान बनाए रखना उन भारतीयों से स्वयं को अलग करना होगा जिन्होंने अपमान और दमन सहा था।
इस घटना को अन्य विकल्पों से अलग समझना महत्त्वपूर्ण है। शंकरन नायर जलियांवाला बाग की घटनाओं के बाद वायसराय की Executive Council से त्यागपत्र देने से जुड़े थे, जबकि टैगोर ने विशेष रूप से Knighthood लौटाई थी।
इसी प्रकार मुहम्मद अली जिन्ना का प्रमुख विरोध Rowlatt Act से संबंधित था; उन्होंने Imperial Legislative Council से इस्तीफा दिया था। इसलिए उनका कदम टैगोर द्वारा Knighthood लौटाने से भिन्न था।
टैगोर का यह निर्णय केवल व्यक्तिगत सम्मान का त्याग नहीं था, बल्कि जलियांवाला बाग में हुए दमन के विरुद्ध एक महत्त्वपूर्ण सार्वजनिक और नैतिक विरोध था।