Previous Year Question
अलाउद्दीन खिलजी की निम्नलिखित विजयों को कालक्रमानुसार व्यवस्थित कीजिए।
रणथंभौर
गुजरात
वारंगल
चित्तौड़
नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर का चयन कीजिए :
कूट :
4, 2, 3, 1
3, 4, 1, 2
2, 1, 4, 3
1, 3, 2, 4
Correct Answer: C
Detailed Solution
इनमें सबसे पहले गुजरात अभियान 1299 ई. में हुआ। अलाउद्दीन खिलजी ने अपने सेनापतियों उलुग खान और नुसरत खान को गुजरात भेजा। गुजरात के शासक राय कर्ण को पीछे हटना पड़ा और गुजरात दिल्ली सल्तनत के नियंत्रण में आ गया।
इसी गुजरात अभियान में बड़ी मात्रा में धन और बंदी दिल्ली लाए गए। इन्हीं बंदियों में मलिक काफूर भी था, जो बाद में अलाउद्दीन का अत्यंत विश्वसनीय सेनापति बना और दक्षिण भारत के अभियानों का नेतृत्व किया।
इसके बाद रणथंभौर पर 1301 ई. में विजय प्राप्त की गई। यहाँ चौहान शासक हम्मीरदेव शासन कर रहा था। प्रारंभिक अभियान में खिलजी सेना को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा और नुसरत खान मारा गया, जिसके बाद अलाउद्दीन स्वयं अभियान में शामिल हुआ। अंततः 1301 ई. में रणथंभौर का किला उसके अधिकार में आ गया।
तीसरे स्थान पर चित्तौड़ की विजय 1303 ई. में हुई। अलाउद्दीन ने चित्तौड़ के शक्तिशाली दुर्ग का घेरा डाला और अंततः उस पर अधिकार कर लिया। इसके बाद उसने अपने पुत्र खिज्र खान के नाम पर इसका नाम खिज्राबाद रखा और उसे वहाँ का प्रभारी बनाया।
सबसे बाद में दिए गए विकल्पों में वारंगल अभियान आता है। 1309 ई. के बाद मलिक काफूर को दक्षिण भारत के अभियान पर भेजा गया और उसने काकतीय शासक प्रतापरुद्रदेव के वारंगल को घेरा। अंततः प्रतापरुद्र ने धन और अन्य संपत्ति देकर अलाउद्दीन की अधीनता स्वीकार की।
इस प्रकार कालक्रम है — गुजरात (1299) → रणथंभौर (1301) → चित्तौड़ (1303) → वारंगल (1309–10)।