Previous Year Question
निम्नलिखित पाठ पर विचार कीजिए और उन्हें कालानुक्रमिक क्रम में व्यवस्थित कीजिए :
फतवा-ए-जहांदारी
पृथ्वीराज-रासो
किताब-उल-हिंद
तबकात-ए-नासिरी
नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर का चयन कीजिए।
कूट :
2, 3, 4, 1
3, 1, 2, 4
4, 3, 1, 2
3, 2, 4, 1
Correct Answer: D
Detailed Solution
इनमें सबसे पहले किताब-उल-हिंद आती है। इसकी रचना अलबरूनी ने की थी और इसे लगभग 1030 ई. में पूर्ण किया गया माना जाता है। अलबरूनी ने भारतीय धर्म, दर्शन, विज्ञान, समाज, रीति-रिवाज और ज्ञान-परंपराओं का विस्तृत अध्ययन इस ग्रंथ में प्रस्तुत किया। नेताजी सुभाष मुक्त विश्वविद्यालय की इतिहास सामग्री भी Kitab-al Hind की पूर्णता का समय 1030 ई. देती है।
इसके बाद पृथ्वीराज-रासो आता है। इसे परंपरागत रूप से चंदबरदाई, पृथ्वीराज चौहान के दरबारी कवि, से संबंधित माना जाता है। पृथ्वीराज चौहान 12वीं शताब्दी के शासक थे और 1191 तथा 1192 ई. के तराइन युद्धों से उनका संबंध था। परीक्षा की अपेक्षित chronology में इस ग्रंथ को इसी 12वीं शताब्दी के संदर्भ में रखा गया है।
तीसरे स्थान पर तबकात-ए-नासिरी है। इसकी रचना मिनहाज-उस-सिराज जुजजानी ने की और यह लगभग 1260 ई. में पूर्ण हुआ। यह दिल्ली सल्तनत के प्रारंभिक इतिहास के लिए एक महत्त्वपूर्ण फारसी ऐतिहासिक स्रोत है।
सबसे बाद में फतवा-ए-जहांदारी आती है। इसकी रचना जियाउद्दीन बरनी ने 14वीं शताब्दी में की। IGNOU सामग्री इसे लगभग 1352–57 ई. के बीच अथवा 1357 ई. से संबंधित करती है। यह शासन और राज्य-व्यवस्था पर बरनी के विचारों को प्रस्तुत करने वाला ग्रंथ है।
इस प्रकार कालानुक्रमिक क्रम है — किताब-उल-हिंद (3) → पृथ्वीराज-रासो (2) → तबकात-ए-नासिरी (4) → फतवा-ए-जहांदारी (1)।