JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

ECONOMY · 2018

Previous Year Question

भारत के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा/से कारक मुद्रा संकट के जोखिम को कम करने में योगदान करता है/करते हैं?

  1. भारत के IT क्षेत्र द्वारा अर्जित विदेशी मुद्रा

  2. सरकारी व्यय में वृद्धि

  3. विदेशों में रहने वाले भारतीयों द्वारा भेजा गया धन

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:

A.

केवल 1

B.

केवल 1 और 3

C.

केवल 2

D.

1, 2 और 3

Correct Answer: B

Detailed Solution

Currency Crisis उस स्थिति को कहते हैं जिसमें किसी देश की मुद्रा पर तीव्र गिरावट का दबाव उत्पन्न हो जाता है। यह स्थिति प्रायः विदेशी मुद्रा की मांग बढ़ने, विदेशी पूँजी के अचानक बाहर जाने, Current Account Deficit बढ़ने अथवा पर्याप्त Forex Reserves न होने से उत्पन्न होती है।

कथन 1 सही है

भारत का IT एवं IT-enabled services क्षेत्र सेवाओं के निर्यात से बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा अर्जित करता है।

जब भारतीय IT कंपनी किसी विदेशी ग्राहक को सेवा देती है, तो उसका भुगतान डॉलर, यूरो या अन्य विदेशी मुद्रा में प्राप्त होता है। इससे:

  • Balance of Payments में services exports की receipts बढ़ती हैं।

  • Current Account Deficit को वित्तपोषित करने में सहायता मिलती है।

  • विदेशी मुद्रा की घरेलू उपलब्धता बढ़ती है।

  • रुपये पर depreciation का दबाव कम हो सकता है।

  • RBI के Forex Reserves बनाने की क्षमता मजबूत होती है।

अतः IT क्षेत्र की foreign-currency earnings मुद्रा संकट का जोखिम कम करती हैं।

कथन 2 गलत है

सरकारी व्यय में वृद्धि अपने-आप विदेशी मुद्रा उपलब्ध नहीं कराती। यदि बढ़ा हुआ सरकारी व्यय aggregate demand को बढ़ाकर आयात की मांग बढ़ा देता है, तो:

  • Trade Deficit और Current Account Deficit बढ़ सकते हैं।

  • विदेशी मुद्रा की मांग बढ़ सकती है।

  • Fiscal Deficit और सरकारी उधारी बढ़ सकती है।

  • विदेशी निवेशकों का भरोसा कमजोर होने पर capital outflow का जोखिम बढ़ सकता है।

इसलिए केवल सरकारी व्यय बढ़ाना मुद्रा संकट के जोखिम को कम करने वाला निश्चित कारक नहीं है।

कथन 3 सही है

विदेशों में काम करने वाले भारतीयों द्वारा भारत भेजी गई राशि को Workers’ Remittances अथवा निजी अंतरण कहा जाता है।

Remittances अपेक्षाकृत स्थिर foreign-exchange inflow प्रदान करती हैं। ये:

  • Current Account में secondary income receipts के अंतर्गत दर्ज होती हैं।

  • Merchandise Trade Deficit के एक हिस्से की भरपाई करती हैं।

  • परिवारों की आय और घरेलू उपभोग को सहारा देती हैं।

  • बाहरी भुगतान संबंधी दबाव को कम करती हैं।

  • विदेशी मुद्रा भंडार और रुपये की स्थिरता में सहायता करती हैं।

भारत लंबे समय से विश्व के सबसे बड़े remittance-receiving देशों में शामिल रहा है। इसलिए कथन 3 सही है।

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