JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

HISTORY · 2014

Previous Year Question

भारत की संस्कृति एवं परम्परा के सन्दर्भ में ‘कलारीपयट्टू’ क्या है?

A.
यह शैवमत का प्राचीन भक्ति पंथ है जो अभी भी दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में प्रचलित है
B.
यह काँसे और पीतल के काम की एक प्राचीन शैली है जो अभी भी कोरोमण्डल क्षेत्र के दक्षिणी हिस्से में पाई जाती है।
C.
यह नृत्य-नाटिका का एक प्राचीन रूप है और मालाबार के उत्तरी हिस्से में एक जीवन्त परम्परा है
D.
यह एक प्राचीन मार्शल कला है और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में जीवन्त परम्परा है

Correct Answer: D

Detailed Solution

कलारीपयट्टू केरल की एक प्राचीन और आज भी प्रचलित मार्शल कला है। यह केवल युद्ध अथवा आत्मरक्षा की तकनीक नहीं, बल्कि शारीरिक प्रशिक्षण, हथियार-संचालन, अनुशासन और पारंपरिक उपचार-पद्धति से जुड़ी समग्र प्रणाली है।

  • इसका पारंपरिक प्रशिक्षण विशेष प्रशिक्षण-स्थल कलारी में गुरु अथवा गुरुक्कल की देखरेख में दिया जाता है।

  • प्रशिक्षण का पहला चरण मेय्थारी/मेयप्पयट्टू है, जिसमें शरीर की लोच, संतुलन, छलाँग, गति और विभिन्न युद्ध-मुद्राओं का अभ्यास कराया जाता है।

  • कोल्थारी में लम्बी और छोटी लाठियों जैसे लकड़ी के हथियारों का प्रशिक्षण दिया जाता है।

  • अंकथारी में तलवार, ढाल और अन्य धातु के हथियारों का प्रयोग सिखाया जाता है।

  • वेरुमकई निःशस्त्र युद्ध अथवा खाली हाथ से लड़ने की तकनीक है।

  • कलारीपयट्टू के साथ मर्म-ज्ञान और कलारी चिकित्सा की परम्परा भी जुड़ी हुई है।

  • इसकी उत्तरी और दक्षिणी प्रशिक्षण-परम्पराएँ आज भी केरल के विभिन्न भागों में प्रचलित हैं।

अतः यह न तो शैव भक्ति-पंथ है, न काँसे-पीतल की कला और न ही नृत्य-नाटिका।

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