Previous Year Question
निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए :
शिल्प | किस राज्य की परंपरा |
1. पुथुक्कुलि शॉल | तमिलनाडु |
2. सुजनी कढ़ाई | महाराष्ट्र |
3. उप्पाडा जामदानी साड़ी | कर्नाटक |
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं?
Correct Answer: A
Detailed Solution
1. पुथुक्कुलि शॉल—तमिलनाडु: सही
पुथुक्कुलि शॉल तमिलनाडु की नीलगिरि पहाड़ियों में रहने वाले टोडा जनजातीय समुदाय की परंपरा है।
टोडा कढ़ाई में सामान्यतः सफेद या प्राकृतिक रंग के कपड़े पर लाल और काले धागों से ज्यामितीय आकृतियाँ बनाई जाती हैं।
कढ़ाई कपड़े की उल्टी ओर से गिनकर किए जाने वाले टाँकों से तैयार होती है, जिससे दोनों ओर उभरे हुए प्रतिरूप दिखाई देते हैं।
टोडा समुदाय द्वारा पहने जाने वाले कढ़ाईयुक्त आवरण या शॉल को पुथुक्कुलि से संबंधित माना जाता है।
टोडा कढ़ाई को तमिलनाडु के हस्तशिल्प के रूप में भौगोलिक संकेतक—GI पंजीकरण भी प्राप्त है।
2. सुजनी कढ़ाई—महाराष्ट्र: गलत
सुजनी कढ़ाई मुख्यतः बिहार, विशेष रूप से मुजफ्फरपुर और उसके आसपास के क्षेत्र की परंपरा है; यह महाराष्ट्र की परंपरा नहीं है।
परंपरागत रूप से पुरानी साड़ियों और कपड़ों की तहों को साधारण टाँकों से जोड़कर शिशुओं के लिए आवरण या रजाई बनाई जाती थी।
बाद में सुजनी कढ़ाई में सामाजिक जीवन, ग्रामीण दृश्य, पशु-पक्षी, पेड़-पौधे तथा महिला-सशक्तीकरण जैसे विषय चित्रित किए जाने लगे।
इसका आधिकारिक GI नाम “Sujini Embroidery Work of Bihar” है।
3. उप्पाडा जामदानी साड़ी—कर्नाटक: गलत
उप्पाडा जामदानी साड़ियों की उत्पत्ति आंध्र प्रदेश के उप्पाडा में हुई है, न कि कर्नाटक में।
उप्पाडा वर्तमान में आंध्र प्रदेश के काकीनाडा जिले में स्थित है; 2018 में यह क्षेत्र तत्कालीन पूर्वी गोदावरी जिले का भाग था।
इन साड़ियों की बुनाई प्रायः गड्ढा करघे पर दो बुनकरों द्वारा की जाती है। अतिरिक्त बाने से कपड़े में फूलों और ज्यामितीय आकृतियों के नमूने बुने जाते हैं।
इनकी प्रमुख विशेषताएँ हल्का और महीन कपड़ा, दोनों तरफ स्पष्ट दिखाई देने वाला डिज़ाइन तथा पीछे ढीले धागों का न होना हैं।
Uppada Jamdani Sarees को आंध्र प्रदेश के GI उत्पाद के रूप में 10 अप्रैल, 2008 को पंजीकृत किया गया था।