Previous Year Question
वैश्विक पर्यावरण सुविधा के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
इसकी स्थापना 1991 में हुई थी।
केवल विकसित देश ही इसके दाता (डोनर) हैं।
नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए :
केवल 2
न तो 1 न ही 2
1 और 2 दोनों
केवल 1
Correct Answer: D
Detailed Solution
कथन 1 सही है। वैश्विक पर्यावरण सुविधा (Global Environment Facility—GEF) की स्थापना वर्ष 1991 में एक प्रायोगिक वित्तपोषण कार्यक्रम (Pilot Financing Programme) के रूप में की गई थी। इसका उद्देश्य वैश्विक पर्यावरणीय समस्याओं के समाधान के लिए विकासशील देशों को वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान करना था। इसकी प्रारंभिक स्थापना में विश्व बैंक (World Bank), संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) और संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) की प्रमुख भूमिका थी। वर्ष 1994 में इसका पुनर्गठन (Restructuring) करके इसे एक स्वतंत्र संस्थागत व्यवस्था का स्वरूप दिया गया, जबकि विश्व बैंक इसके ट्रस्टी (Trustee) के रूप में कार्य करता रहा। GEF मुख्यतः जैव विविधता संरक्षण, जलवायु परिवर्तन, भूमि क्षरण, अंतरराष्ट्रीय जल संसाधनों और प्रदूषण नियंत्रण से संबंधित परियोजनाओं को सहायता प्रदान करता है।
कथन 2 गलत है। वैश्विक पर्यावरण सुविधा के दाता (Donors) केवल विकसित देश नहीं हैं, बल्कि विकसित और विकासशील दोनों प्रकार के देश इसमें वित्तीय योगदान करते हैं। GEF के आधिकारिक अभिलेखों के अनुसार, इसकी स्थापना के बाद से 40 देशों ने GEF ट्रस्ट फंड (GEF Trust Fund) में योगदान दिया है। इनमें अमेरिका, जापान, जर्मनी और फ्रांस जैसे विकसित देशों के साथ भारत, चीन, ब्राजील, बांग्लादेश, दक्षिण अफ्रीका तथा मेक्सिको जैसे विकासशील देश भी शामिल हैं। दाता देशों से प्राप्त वित्तीय संसाधनों का उपयोग विकासशील देशों और संक्रमणशील अर्थव्यवस्थाओं (Economies in Transition) में वैश्विक पर्यावरणीय लाभ उत्पन्न करने वाली परियोजनाओं के लिए किया जाता है।
GEF के प्रमुख कार्यक्षेत्र (Focal Areas) पाँच हैं—जैव विविधता (Biodiversity), जलवायु परिवर्तन (Climate Change), भूमि क्षरण (Land Degradation), अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र (International Waters) तथा रसायन एवं अपशिष्ट (Chemicals and Waste)। यह संस्था जैव विविधता अभिसमय (Convention on Biological Diversity—CBD), संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन रूपरेखा अभिसमय (UNFCCC), मरुस्थलीकरण रोकथाम अभिसमय (UNCCD), स्टॉकहोम अभिसमय (Stockholm Convention) और मिनामाता अभिसमय (Minamata Convention) जैसे अंतरराष्ट्रीय पर्यावरणीय समझौतों के लिए वित्तीय तंत्र (Financial Mechanism) के रूप में कार्य करती है। इनके अंतर्गत वन एवं वन्यजीव संरक्षण, ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी, पारिस्थितिक पुनर्स्थापन और हानिकारक रसायनों के नियंत्रण से संबंधित परियोजनाओं को सहायता दी जाती है।
GEF की वित्तपोषण व्यवस्था (Financing Mechanism) दाता देशों के योगदान तथा आवधिक निधि पुनर्भरण (Replenishment) पर आधारित है। सामान्यतः प्रत्येक चार वर्ष में GEF ट्रस्ट फंड के संसाधनों का पुनर्भरण किया जाता है। यह संस्था पात्र देशों को अनुदान (Grants) तथा कुछ परिस्थितियों में रियायती वित्तीय सहायता (Concessional Financing) प्रदान करती है। GEF की प्रमुख शासी संस्थाओं में महासभा (Assembly), परिषद (Council) और सचिवालय (Secretariat) शामिल हैं। इसकी 32 सदस्यीय परिषद परियोजनाओं और परिचालन नीतियों से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय लेती है, जबकि वित्तीय सहायता विभिन्न कार्यान्वयन एजेंसियों (Implementing Agencies) के माध्यम से उपलब्ध कराई जाती है। इस व्यवस्था से विकासशील देशों को वैश्विक पर्यावरण संरक्षण संबंधी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में सहायता मिलती है।