Previous Year Question
‘ऑपरेशन ओलिविया’ के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
यह ओडिशा के तट पर ओलिव रिडले कछुओं की सुरक्षा के लिए भारतीय तट रक्षकों की एक पहल है।
ऑपरेशन ओलिविया अगस्त के महिने के दौरान चलाया जाता है जो ओलिव रिडले कछुओं के घोंसले बनाने का समय होता है।
नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए :
केवल 2
न तो 1 न ही 2
1 और 2 दोनों
केवल 1
Correct Answer: D
Detailed Solution
कथन 1 सही है। ऑपरेशन ओलिविया (Operation Olivia) भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard—ICG) द्वारा ओडिशा के तटीय क्षेत्रों में ओलिव रिडले समुद्री कछुओं (Olive Ridley Sea Turtles—Lepidochelys olivacea) के संरक्षण के लिए संचालित एक विशेष अभियान है। इसकी शुरुआत वर्ष 1980 के दशक के प्रारम्भ में की गई थी। इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य कछुओं के प्रजनन और घोंसला निर्माण के दौरान उन्हें अवैध मछली पकड़ने, मछली पकड़ने वाले जालों में फँसने (Bycatch) तथा अन्य मानवीय गतिविधियों से होने वाले खतरों से बचाना है। भारतीय तटरक्षक बल समुद्री गश्त (Maritime Patrolling), मछली पकड़ने वाली नौकाओं की निगरानी और संबंधित सरकारी एजेंसियों के साथ समन्वय के माध्यम से कछुओं के संरक्षण में योगदान देता है।
कथन 2 गलत है। ऑपरेशन ओलिविया अगस्त महीने में नहीं, बल्कि सामान्यतः प्रतिवर्ष नवंबर से मई (November–May) के दौरान चलाया जाता है। भारतीय तटरक्षक बल के अनुसार, ओलिव रिडले कछुए सामान्यतः नवंबर–दिसंबर में ओडिशा के तटों पर प्रजनन के लिए पहुँचते हैं और अप्रैल–मई तक घोंसला निर्माण तथा अंडे देने की गतिविधियाँ जारी रह सकती हैं। सामूहिक अंडे देने की प्रक्रिया प्रायः जनवरी के अंत से फरवरी और उसके बाद के महीनों में देखी जाती है। अगस्त इस क्षेत्र में कछुओं के सामूहिक घोंसला निर्माण का सामान्य समय नहीं है। इसलिए यह संरक्षण अभियान कछुओं के वास्तविक प्रजनन और घोंसला निर्माण की अवधि के अनुसार संचालित किया जाता है।
ओलिव रिडले कछुए मुख्यतः उष्णकटिबंधीय महासागरों में पाए जाने वाले समुद्री सरीसृप (Marine Reptiles) हैं। ये अपने सामूहिक घोंसला निर्माण व्यवहार (Mass Nesting Behaviour) के लिए प्रसिद्ध हैं, जिसे अरिबाडा (Arribada) कहा जाता है। इस प्रक्रिया में हजारों मादा कछुए लगभग एक ही समय पर समुद्र तट पर आकर अंडे देती हैं। ओडिशा के प्रमुख प्रजनन स्थलों में गहिरमाथा (Gahirmatha), ऋषिकुल्या नदी का मुहाना (Rushikulya River Mouth) और देवी नदी का मुहाना (Devi River Mouth) शामिल हैं। एक वयस्क मादा सामान्यतः एक बार में लगभग 100–140 अंडे दे सकती है। अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) की रेड लिस्ट में ओलिव रिडले को संवेदनशील (Vulnerable) श्रेणी में रखा गया है।
ऑपरेशन ओलिविया के अंतर्गत संरक्षण उपायों में समुद्री गश्त, हवाई निगरानी (Aerial Surveillance), अवैध मछली पकड़ने पर नियंत्रण तथा कछुआ बहिष्करण उपकरणों (Turtle Excluder Devices—TEDs) के उपयोग को बढ़ावा देना शामिल है। TEDs मछली पकड़ने वाले ट्रॉल जालों से कछुओं को बाहर निकलने का मार्ग प्रदान करते हैं, जिससे उनकी आकस्मिक मृत्यु कम हो सकती है। भारत में ओलिव रिडले कछुओं को वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची-I के अंतर्गत संरक्षण प्राप्त है। रक्षा मंत्रालय की 19 मई, 2025 की विज्ञप्ति के अनुसार, फरवरी 2025 में ओडिशा के ऋषिकुल्या नदी मुहाने पर 6.98 लाख से अधिक ओलिव रिडले कछुओं के सामूहिक घोंसला निर्माण के संरक्षण में इस अभियान ने सहायता की।