Previous Year Question
अप्पिको आंदोलन निम्नलिखित में से किन भारतीय राज्यों से संबंधित है/हैं?
उत्तराखंड
उत्तरप्रदेश
केरल
कर्नाटक
नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए :
1 और 2
केवल 4
3 और 4
केवल 1
Correct Answer: B
Detailed Solution
अप्पिको आंदोलन (Appiko Movement) कर्नाटक के पश्चिमी घाट (Western Ghats) क्षेत्र में वनों की व्यावसायिक कटाई (Commercial Deforestation) के विरुद्ध प्रारम्भ हुआ एक महत्वपूर्ण पर्यावरण संरक्षण आंदोलन था। इसकी शुरुआत 8 सितंबर, 1983 को कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले की सिरसी तहसील के सलकानी (Salkani) गाँव के निकट हुई। कन्नड़ भाषा में 'अप्पिको' का अर्थ 'गले लगाना' (To Hug) होता है। इस आंदोलन में ग्रामीणों ने पेड़ों से चिपककर उनकी कटाई रोकने का प्रयास किया। पर्यावरण कार्यकर्ता पांडुरंग हेगड़े (Pandurang Hegde) ने आंदोलन को संगठित करने और व्यापक जनसमर्थन जुटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अप्पिको आंदोलन उत्तराखंड के चिपको आंदोलन (Chipko Movement) से प्रेरित था, लेकिन दोनों के भौगोलिक क्षेत्र अलग थे। चिपको आंदोलन वर्ष 1973 में तत्कालीन उत्तर प्रदेश के गढ़वाल हिमालयी क्षेत्र, वर्तमान उत्तराखंड, में प्रारम्भ हुआ था। चंडी प्रसाद भट्ट (Chandi Prasad Bhatt), सुंदरलाल बहुगुणा (Sunderlal Bahuguna) और गौरा देवी (Gaura Devi) इसके प्रमुख व्यक्तित्वों में शामिल थे। इसके विपरीत, अप्पिको आंदोलन वर्ष 1983 में दक्षिण भारत के कर्नाटक राज्य में विकसित हुआ। दोनों आंदोलनों में अहिंसक प्रतिरोध (Non-Violent Resistance), जनभागीदारी (Community Participation) और वृक्षों को गले लगाकर वनों की कटाई रोकने की पद्धति अपनाई गई थी।
अप्पिको आंदोलन की प्रारंभिक सफलता में स्थानीय समुदायों की महत्वपूर्ण भूमिका थी। 8 सितंबर, 1983 को लगभग 160 पुरुषों, महिलाओं और बच्चों ने सलकानी के निकट कलसे वन (Kalase Forest) में पेड़ों को गले लगाकर कटाई का विरोध किया। ग्रामीणों ने लगभग छह सप्ताह तक जंगल की निगरानी की और वन अधिकारियों द्वारा निर्धारित वैज्ञानिक वन प्रबंधन योजना (Scientific Forest Management Plan) के अनुसार कटाई करने का आश्वासन मिलने के बाद अपना विरोध समाप्त किया। इस अभियान से लगभग 12,000 पेड़ों को कटने से बचाया गया। बाद में आंदोलन कर्नाटक के अन्य क्षेत्रों में भी फैल गया।
अप्पिको आंदोलन के तीन प्रमुख उद्देश्य थे—वनों का संरक्षण (Forest Preservation), नष्ट हुए वन क्षेत्रों का पुनर्स्थापन (Forest Restoration) और वन संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग (Rational Utilization of Forest Resources)। इन्हें कन्नड़ में 'उलिसु' (Ulisu—Save), 'बेलेसु' (Belesu—Grow) और 'बलसु' (Balasu—Use Rationally) के रूप में व्यक्त किया गया। आंदोलन ने व्यावसायिक लकड़ी कटाई, मिट्टी के अपरदन (Soil Erosion), जलस्रोतों के क्षरण और वन-आधारित आजीविका के संकट की ओर ध्यान आकर्षित किया। इसके विपरीत, केरल का प्रमुख वन संरक्षण आंदोलन साइलेंट वैली आंदोलन (Silent Valley Movement) था, जो प्रस्तावित जलविद्युत परियोजना से उष्णकटिबंधीय सदाबहार वनों की रक्षा से संबंधित था।