Previous Year Question
नीचे दो कथन दिए गए हैं, जिनमें से एक को अभिकथन (A) तथा दूसरे को कारण (R) कहा गया है।
अभिकथन (A): सतत विकास लक्ष्यों की वैश्विक सफलता के लिए भारत की सफलता महत्वपूर्ण है।
कारण (R): भारत में विश्व की कुल जनसंख्या का लगभग छठा हिस्सा निवास करता है।
नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर का चयन कीजिए :
(A) और (R) दोनों सही हैं, किन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं करता है
(A) असत्य है, किन्तु (R) सत्य है
(A) सत्य है, किन्तु (R) असत्य है
(A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है
Correct Answer: D
Detailed Solution
अभिकथन (A) सत्य है। सतत विकास लक्ष्यों (Sustainable Development Goals—SDGs) की वैश्विक सफलता में भारत की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। संयुक्त राष्ट्र (United Nations—UN) ने वर्ष 2015 में 2030 एजेंडा (2030 Agenda for Sustainable Development) के अंतर्गत 17 सतत विकास लक्ष्य और 169 उपलक्ष्य (Targets) अपनाए थे। इनका उद्देश्य गरीबी उन्मूलन (Poverty Eradication), भुखमरी समाप्त करना (Zero Hunger), गुणवत्तापूर्ण शिक्षा (Quality Education), स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, लैंगिक समानता (Gender Equality), जलवायु कार्रवाई (Climate Action) और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है। भारत की विशाल जनसंख्या और विकास संबंधी आवश्यकताओं के कारण इन लक्ष्यों को प्राप्त करने में उसकी प्रगति वैश्विक उपलब्धियों को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित करती है।
कारण (R) भी सत्य है। भारत में विश्व की कुल जनसंख्या का लगभग छठा हिस्सा निवास करता है। संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (United Nations Population Fund—UNFPA) के अनुसार, वर्ष 2025 में भारत की अनुमानित जनसंख्या लगभग 146.39 करोड़ (1.464 Billion) थी, जिससे वह विश्व का सर्वाधिक जनसंख्या वाला देश था। वैश्विक जनसंख्या में भारत की इतनी बड़ी हिस्सेदारी के कारण गरीबी, पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता और रोजगार जैसे संकेतकों में भारत की प्रगति अंतरराष्ट्रीय विकास परिणामों पर व्यापक प्रभाव डालती है। उदाहरण के लिए, भारत में करोड़ों लोगों की गरीबी में कमी आने से वैश्विक गरीबी उन्मूलन के लक्ष्य की प्राप्ति में भी महत्वपूर्ण योगदान होता है।
भारत में सतत विकास लक्ष्यों के कार्यान्वयन (SDG Implementation) के लिए नीति आयोग (NITI Aayog) प्रमुख समन्वयकारी संस्था के रूप में कार्य करता है, जबकि सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (Ministry of Statistics and Programme Implementation—MoSPI) राष्ट्रीय संकेतक ढाँचे (National Indicator Framework—NIF) के माध्यम से प्रगति की सांख्यिकीय निगरानी करता है। नीति आयोग द्वारा प्रकाशित SDG India Index 2023–24 के अनुसार, भारत का समग्र SDG स्कोर वर्ष 2018 के 57 से बढ़कर 2020–21 में 66 और 2023–24 में 71 हो गया। इस अवधि में गरीबी उन्मूलन (SDG 1), सभ्य कार्य एवं आर्थिक वृद्धि (SDG 8) और जलवायु कार्रवाई (SDG 13) सहित कई लक्ष्यों में प्रगति दर्ज की गई। यह सूचकांक राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों की उपलब्धियों का तुलनात्मक मूल्यांकन भी करता है।
सतत विकास लक्ष्यों की वैश्विक सफलता में जनसंख्या का महत्व इस तथ्य से जुड़ा है कि SDGs की प्रगति करोड़ों लोगों के जीवन स्तर में वास्तविक सुधार से मापी जाती है। भारत में स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, स्वच्छ जल, स्वच्छ ऊर्जा और सामाजिक सुरक्षा तक पहुँच में व्यापक सुधार वैश्विक लक्ष्यों की उपलब्धि को सीधे प्रभावित कर सकता है। संयुक्त राष्ट्र ने भी भारत को वैश्विक SDG सफलता के लिए महत्वपूर्ण माना है। इसके अतिरिक्त, भारत की विकास योजनाएँ और तकनीकी नवाचार अन्य विकासशील देशों के लिए उपयोगी अनुभव प्रदान कर सकते हैं। इसलिए भारत की जनसंख्या का लगभग छठा हिस्सा होना उसकी वैश्विक सतत विकास संबंधी भूमिका का एक प्रमुख कारण है।