Previous Year Question
निम्नलिखित में से कौन-सा/से विभाग उत्तर प्रदेश में सतत विकास लक्ष्यों से संबंधित राष्ट्रीय संकेतक ढाँचा प्रगति रिपोर्ट तैयार करता है?
वित्त विभाग
शिक्षा विभाग
योजना विभाग
नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए :
1 और 2
केवल 3
1 और 3
केवल 1
Correct Answer: B
Detailed Solution
कथन 3 सही है। उत्तर प्रदेश में सतत विकास लक्ष्यों (Sustainable Development Goals—SDGs) की प्रगति की निगरानी और संबंधित राज्यस्तरीय प्रगति रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी योजना विभाग (Planning Department), उत्तर प्रदेश सरकार की है। यह विभाग राज्य में SDGs के कार्यान्वयन और समन्वय के लिए नोडल विभाग (Nodal Department) के रूप में कार्य करता है। इसके अंतर्गत राष्ट्रीय संकेतक ढाँचे (National Indicator Framework—NIF) के आधार पर विभिन्न विकास संकेतकों के आँकड़ों का संकलन, विश्लेषण और मूल्यांकन किया जाता है। इन संकेतकों के माध्यम से गरीबी उन्मूलन, स्वास्थ्य, शिक्षा, लैंगिक समानता, स्वच्छ जल, ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में राज्य की प्रगति का आकलन किया जाता है।
कथन 1 गलत है। उत्तर प्रदेश का वित्त विभाग (Finance Department) मुख्यतः राज्य के बजट निर्माण (Budget Preparation), राजकोषीय प्रबंधन (Fiscal Management), सरकारी व्यय (Public Expenditure) और वित्तीय संसाधनों के आवंटन (Resource Allocation) के लिए उत्तरदायी है। सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए विभिन्न सरकारी योजनाओं को वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। गरीबी उन्मूलन, स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढाँचे जैसी विकास प्राथमिकताओं के लिए बजटीय प्रावधान भी किए जाते हैं। हालाँकि, इन वित्तीय गतिविधियों का संबंध SDGs के कार्यान्वयन से है, जबकि राष्ट्रीय संकेतक ढाँचे पर आधारित राज्यस्तरीय समग्र प्रगति रिपोर्ट तैयार करने का प्रमुख उत्तरदायित्व योजना विभाग का है।
कथन 2 गलत है। उत्तर प्रदेश का शिक्षा विभाग (Education Department) मुख्यतः शिक्षा संबंधी योजनाओं, शैक्षिक सुविधाओं और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए कार्य करता है। इसका संबंध विशेष रूप से सतत विकास लक्ष्य 4 (SDG 4—Quality Education) से है, जिसका उद्देश्य समावेशी और समान गुणवत्तापूर्ण शिक्षा (Inclusive and Equitable Quality Education) तथा आजीवन सीखने के अवसरों (Lifelong Learning Opportunities) को बढ़ावा देना है। इसके अंतर्गत विद्यालयों में नामांकन, विद्यालय छोड़ने की दर, साक्षरता और शैक्षिक उपलब्धियों जैसे संकेतकों का उपयोग किया जाता है। शिक्षा विभाग इन संकेतकों से संबंधित आँकड़े उपलब्ध करा सकता है, लेकिन सभी सतत विकास लक्ष्यों की समेकित प्रगति रिपोर्ट तैयार करने वाला नोडल विभाग नहीं है।
राष्ट्रीय संकेतक ढाँचा (National Indicator Framework—NIF) भारत में सतत विकास लक्ष्यों की प्रगति मापने के लिए सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (Ministry of Statistics and Programme Implementation—MoSPI) द्वारा विकसित किया गया है। राष्ट्रीय स्तर पर MoSPI वार्षिक NIF प्रगति रिपोर्ट प्रकाशित करता है, जबकि उत्तर प्रदेश में योजना विभाग राज्य संकेतक ढाँचे (State Indicator Framework—SIF) तथा NIF पर आधारित राज्यस्तरीय प्रगति की निगरानी करता है। इसमें अर्थ एवं संख्या निदेशालय (Directorate of Economics and Statistics) आँकड़ों के संग्रह, विश्लेषण और प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वर्ष 2015 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा अपनाए गए 2030 एजेंडा के अंतर्गत 17 सतत विकास लक्ष्य और 169 लक्ष्य निर्धारित किए गए थे, जिनकी प्रगति मापने के लिए राष्ट्रीय एवं राज्यस्तरीय संकेतकों का उपयोग किया जाता है।