JAGTIV · Previous Year Questions

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ENVIRONMENT · 2025

Previous Year Question

‘अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबन्धन’ के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

  1. यह पहला संधि आधारित अंतर-सरकारी संगठन है जिसका मुख्यालय भारत में है और इसमें 38 सदस्य देश हैं।

  2. विश्व सौर बैंक और वन सन वन वर्ल्ड वन ग्रिड की पहल इसके अन्तर्गत की गई है।

नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए :

A.

केवल 2

B.

न तो 1 न ही 2

C.

1 और 2 दोनों

D.

केवल 1

Correct Answer: A

Detailed Solution

कथन 1 गलत है। अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (International Solar Alliance—ISA) भारत और फ्रांस द्वारा संयुक्त रूप से 30 नवंबर, 2015 को पेरिस में आयोजित संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (COP21) के दौरान शुरू किया गया था। यह भारत में मुख्यालय वाला पहला संधि-आधारित अंतर-सरकारी संगठन (Treaty-Based Intergovernmental Organization) है, जिसका मुख्यालय गुरुग्राम, हरियाणा में स्थित है। इसका फ्रेमवर्क समझौता (Framework Agreement) 15 नवंबर, 2016 को हस्ताक्षर के लिए खोला गया तथा 6 दिसंबर, 2017 को प्रभावी हुआ। हालाँकि, इसके सदस्य देशों की संख्या 38 नहीं है। भारत सरकार के दिसंबर 2024 के संसदीय उत्तर के अनुसार, अक्टूबर 2024 तक 120 देशों ने ISA के फ्रेमवर्क समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जिनमें से 104 देश पूर्ण सदस्य बन चुके थे।

कथन 2 सही है। अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन के अंतर्गत विश्व सौर बैंक (World Solar Bank—WSB) की स्थापना का प्रस्ताव और वन सन वन वर्ल्ड वन ग्रिड (One Sun One World One Grid—OSOWOG) पहल प्रस्तुत की गई थी। विश्व सौर बैंक की परिकल्पना सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए वित्तीय संसाधन जुटाने, विशेषकर विकासशील देशों में निवेश बढ़ाने तथा सौर प्रौद्योगिकियों की लागत कम करने के उद्देश्य से की गई थी। अक्टूबर 2020 में ISA की तीसरी महासभा (Third Assembly) ने प्रस्तावित बैंक की स्थापना का समर्थन किया और इसकी रूपरेखा तैयार करने के लिए अंतरराष्ट्रीय संचालन समिति (International Steering Committee) गठित की। यहाँ विश्व सौर बैंक की पहल और एक पूर्णतः स्थापित एवं परिचालनरत बैंक के बीच अंतर समझना आवश्यक है। भारत के आर्थिक सर्वेक्षण 2020–21 में भी विश्व सौर बैंक और OSOWOG को ISA की दो प्रमुख पहलों के रूप में प्रस्तुत किया गया था।

वन सन वन वर्ल्ड वन ग्रिड (OSOWOG) का विचार अक्टूबर 2018 में ISA की प्रथम महासभा के दौरान प्रस्तुत किया गया था। इसका प्रमुख उद्देश्य विभिन्न देशों और क्षेत्रों के विद्युत ग्रिडों (Electricity Grids) को आपस में जोड़कर सौर एवं अन्य नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) का सीमापार हस्तांतरण संभव बनाना है। यह पहल विभिन्न समय क्षेत्रों (Time Zones) में सूर्य के प्रकाश की उपलब्धता का लाभ उठाने पर आधारित है, ताकि एक क्षेत्र में उत्पादित सौर विद्युत दूसरे क्षेत्र की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा कर सके। 2 नवंबर, 2021 को ग्लासगो में COP26 के दौरान भारत और ब्रिटेन ने ग्रीन ग्रिड्स इनिशिएटिव–वन सन वन वर्ल्ड वन ग्रिड (GGI–OSOWOG) को संयुक्त रूप से प्रारम्भ किया। ISA इस पहल के विकास और अंतरराष्ट्रीय समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन का प्रमुख उद्देश्य सौर ऊर्जा के व्यापक उपयोग (Solar Energy Deployment), ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security), ऊर्जा पहुँच (Energy Access) और स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण (Clean Energy Transition) को बढ़ावा देना है। ISA का लक्ष्य वर्ष 2030 तक सौर ऊर्जा क्षेत्र में लगभग 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर के निवेश को प्रोत्साहित करना है। इसके लिए सदस्य देशों के बीच तकनीकी सहयोग (Technical Cooperation), क्षमता निर्माण (Capacity Building), सौर परियोजनाओं का विकास और वित्तपोषण संबंधी बाधाओं को कम करने पर बल दिया जाता है। प्रारम्भ में इसकी सदस्यता मुख्यतः कर्क रेखा और मकर रेखा के बीच स्थित देशों पर केंद्रित थी, लेकिन 2020 में फ्रेमवर्क समझौते में संशोधन प्रभावी होने के बाद संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्य देशों के लिए सदस्यता का मार्ग खुल गया।

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