JAGTIV · Previous Year Questions

UPPSC

ENVIRONMENT · 2025

Previous Year Question

लाइकेन के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

  1. लाइकेन प्रदूषण के बहुत अच्छे संकेतक हैं।

  2. लाइकेन प्रदूषित क्षेत्रों में अच्छी तरह से उगते हैं।

नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए:

A.

केवल 2

B.

न तो 1 न ही 2

C.

1 और 2 दोनों

D.

केवल 1

Correct Answer: D

Detailed Solution

कथन 1 सही है। लाइकेन (Lichens) वायु प्रदूषण के महत्वपूर्ण जैविक संकेतक (Bioindicators) हैं। ये कवक (Fungus) और शैवाल (Algae) अथवा सायनोबैक्टीरिया (Cyanobacteria) के बीच सहजीवी संबंध (Symbiotic Association) से निर्मित होते हैं। शैवाल घटक को फाइकोबायोन्ट (Phycobiont) या फोटोबायोन्ट (Photobiont) तथा कवक घटक को माइकोबायोन्ट (Mycobiont) कहा जाता है। प्रकाश संश्लेषी घटक भोजन का निर्माण करता है, जबकि कवक संरचनात्मक संरक्षण प्रदान करता है तथा जल और खनिज पोषक तत्त्वों के अवशोषण में सहायता करता है। लाइकेन प्रदूषण के अच्छे संकेतक हैं क्योंकि ये प्रदूषित क्षेत्रों में सामान्यतः अच्छी तरह विकसित नहीं होते।

कथन 2 गलत है। लाइकेन विशेष रूप से सल्फर डाइऑक्साइड (Sulphur Dioxide—SO₂) और कुछ अन्य वायुमंडलीय प्रदूषकों के प्रति संवेदनशील होते हैं। इनमें उच्च पौधों की तरह विकसित जड़ें (Roots) और गैसों के आदान-प्रदान को नियंत्रित करने वाले रंध्र (Stomata) नहीं होते। ये अपने शरीर की सतह से वायुमंडलीय नमी और पोषक तत्त्वों को सीधे अवशोषित करते हैं, जिसके कारण प्रदूषक भी इनके ऊतकों में प्रवेश कर सकते हैं। SO₂ की अधिक सांद्रता प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis), श्वसन (Respiration) और अन्य उपापचयी प्रक्रियाओं को प्रभावित कर सकती है। अत्यधिक प्रदूषित क्षेत्रों में संवेदनशील लाइकेन प्रजातियों की वृद्धि, प्रचुरता और विविधता घट सकती है। हालाँकि कुछ प्रदूषण-सहिष्णु प्रजातियाँ (Pollution-Tolerant Species) मध्यम प्रदूषित परिस्थितियों में भी जीवित रह सकती हैं।

लाइकेन की प्रदूषण संवेदनशीलता (Pollution Sensitivity) उनकी संरचना और प्रजाति के अनुसार भिन्न होती है। लाइकेन को सामान्यतः तीन प्रमुख आकृतिक प्रकारों में वर्गीकृत किया जाता है—क्रस्टोज (Crustose), जो सतह से मजबूती से चिपके रहते हैं; फोलिओज (Foliose), जिनकी संरचना पत्तियों जैसी होती है; तथा फ्रूटिकोज (Fruticose), जो झाड़ीदार या शाखायुक्त होते हैं। सामान्यतः फ्रूटिकोज लाइकेन SO₂ प्रदूषण के प्रति अधिक संवेदनशील हो सकते हैं, जबकि अनेक क्रस्टोज प्रजातियाँ अपेक्षाकृत अधिक सहिष्णु होती हैं। प्रदूषण के कारण लाइकेन में क्लोरोफिल की क्षति, प्रकाश संश्लेषण की दर में कमी और ऊतकीय संरचना में परिवर्तन हो सकते हैं। इसीलिए विभिन्न लाइकेन प्रजातियों की उपस्थिति तथा अनुपस्थिति से वायु गुणवत्ता का अनुमान लगाया जाता है।

जैविक निगरानी (Biomonitoring) में लाइकेन की प्रजातीय विविधता (Species Diversity), प्रचुरता (Abundance) और ऊतकों में संचित प्रदूषकों का अध्ययन किया जाता है। ये सल्फर यौगिकों, नाइट्रोजन प्रदूषकों और सीसा (Lead) जैसी भारी धातुओं के पर्यावरणीय निक्षेपण का अध्ययन करने में उपयोगी हैं। सामान्यतः स्वच्छ वायु वाले क्षेत्रों में संवेदनशील लाइकेन प्रजातियों की विविधता अधिक हो सकती है, जबकि गंभीर रूप से प्रदूषित क्षेत्रों में इनकी संख्या घट सकती है। हालाँकि लाइकेन की उपलब्धता आर्द्रता (Humidity), प्रकाश (Light), तापमान (Temperature) और आधार सतह (Substrate) से भी प्रभावित होती है। इसलिए वैज्ञानिक वायु प्रदूषण के आकलन में लाइकेन के साथ अन्य पर्यावरणीय परिस्थितियों का भी अध्ययन करते हैं।

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