JAGTIV · Previous Year Questions

UPPSC

ENVIRONMENT · 2025

Previous Year Question

‘पारिस्थितिकी तंत्र’ के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

  1. हरे पौधे, स्थलीय पारिस्थितिकी तंत्र में अपनी पत्तियों पर पड़ने वाली सूर्य की रोशनी की लगभग 1% ऊर्जा को ग्रहण करते हैं।

  2. लगभग 10% कार्बनिक पदार्थ उपभोक्ताओं के अगले उच्च स्तर तक पहुँचता है।

नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए:

A.

केवल 2

B.

न तो 1 न ही 2

C.

1 और 2 दोनों

D.

केवल 1

Correct Answer: C

Detailed Solution

कथन 1 सही है। स्थलीय पारिस्थितिक तंत्र (Terrestrial Ecosystem) में हरे पौधे प्राथमिक उत्पादक (Primary Producers) होते हैं, जो प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) द्वारा सौर ऊर्जा को रासायनिक ऊर्जा (Chemical Energy) में परिवर्तित करते हैं। हरे पौधे अपनी पत्तियों पर पड़ने वाली सूर्य की रोशनी की लगभग 1% ऊर्जा को खाद्य ऊर्जा (Food Energy) में परिवर्तित करते हैं। इस प्रक्रिया में क्लोरोफिल (Chlorophyll) प्रकाश ऊर्जा को अवशोषित करने में सहायता करता है, जिसका उपयोग कार्बन डाइऑक्साइड और जल से कार्बोहाइड्रेट बनाने में होता है। सूर्य से प्राप्त अधिकांश ऊर्जा भोजन में संचित नहीं हो पाती और उसका एक भाग परावर्तन, संचरण तथा अन्य प्रक्रियाओं के कारण अनुपयोगी रहता है।

कथन 2 भी सही है। पारिस्थितिक तंत्र में ऊर्जा का स्थानांतरण खाद्य श्रृंखला (Food Chain) के विभिन्न पोषक स्तरों (Trophic Levels) के माध्यम से होता है। लिंडेमैन के 10% नियम (Lindeman's 10% Law) के अनुसार, एक पोषक स्तर पर उपलब्ध ऊर्जा का औसतन लगभग 10% भाग अगले उच्च पोषक स्तर तक पहुँचता है। शेष ऊर्जा का बड़ा भाग श्वसन (Respiration), पाचन (Digestion), शारीरिक गतिविधियों और ऊष्मा के रूप में खर्च होता है। यह 10% एक औसत अनुमान है, न कि सभी पारिस्थितिक तंत्रों में अपरिवर्तनीय अनुपात।

ऊर्जा प्रवाह (Energy Flow) सामान्यतः सूर्य → उत्पादक → प्राथमिक उपभोक्ता → द्वितीयक उपभोक्ता → तृतीयक उपभोक्ता की दिशा में होता है। उदाहरण के लिए, यदि किसी खाद्य श्रृंखला में उत्पादकों के स्तर पर 10,000 J ऊर्जा उपलब्ध है, तो 10% नियम के अनुसार प्राथमिक उपभोक्ताओं को लगभग 1,000 J, द्वितीयक उपभोक्ताओं को 100 J और तृतीयक उपभोक्ताओं को 10 J ऊर्जा उपलब्ध हो सकती है। प्रत्येक पोषक स्तर पर ऊर्जा की उपलब्धता घटने के कारण खाद्य श्रृंखला सामान्यतः तीन या चार पोषक स्तरों तक सीमित रहती है। ऊर्जा के इस क्रमिक ह्रास के कारण ऊर्जा का पारिस्थितिक पिरामिड (Pyramid of Energy) सदैव सीधा (Upright) होता है।

प्राथमिक उत्पादकता (Primary Productivity) पौधों द्वारा एक निश्चित समय में कार्बनिक पदार्थ के निर्माण की दर को दर्शाती है। सकल प्राथमिक उत्पादकता (Gross Primary Productivity—GPP) प्रकाश संश्लेषण द्वारा संचित कुल ऊर्जा अथवा निर्मित कार्बनिक पदार्थ को व्यक्त करती है, जबकि शुद्ध प्राथमिक उत्पादकता (Net Primary Productivity—NPP) पौधों के श्वसन में खर्च ऊर्जा घटाने के बाद बची उत्पादकता है। NCERT कक्षा 12 के अनुसार, पृथ्वी पर आने वाले सौर विकिरण का 50% से कम भाग प्रकाश संश्लेषण सक्रिय विकिरण (Photosynthetically Active Radiation—PAR) होता है और पौधे इस PAR का लगभग 2–10% ग्रहण कर सकते हैं। यह प्रतिशत उपलब्ध PAR के संदर्भ में है, जबकि कथन 1 में लगभग 1% का मान पत्तियों पर पड़ने वाली कुल सूर्य ऊर्जा के खाद्य ऊर्जा में परिवर्तन से संबंधित है।

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