Previous Year Question
निम्नलिखित में से कौन-सा सही सुमेलित है?
इकोक्लाइन — जैव-विविधता
पाइक्नोक्लाइन — सागरीय जल घनत्व
थर्मोक्लाइन — वायु का तापमान
हैलोक्लाइन — सागरीय जल तापमान
Correct Answer: B
Detailed Solution
पाइक्नोक्लाइन (Pycnocline) महासागर में जल की वह संक्रमण परत (Transition Layer) है, जहाँ गहराई (Depth) बढ़ने के साथ जल के घनत्व (Density) में तीव्र परिवर्तन होता है। सामान्यतः इस परत में गहराई के साथ घनत्व तेजी से बढ़ता है। सागरीय जल का घनत्व मुख्यतः तापमान (Temperature), लवणता (Salinity) और दाब (Pressure) से प्रभावित होता है। गर्म जल सामान्यतः कम घनत्व वाला तथा ठंडा जल अधिक घनत्व वाला होता है, जबकि समान तापमान पर लवणता बढ़ने से जल का घनत्व बढ़ता है। इन भौतिक गुणों में अंतर के कारण महासागरों में विभिन्न घनत्व वाली जल-परतें विकसित होती हैं।
थर्मोक्लाइन (Thermocline) जल की वह परत है, जहाँ गहराई बढ़ने पर तापमान में तीव्र परिवर्तन होता है। सामान्य महासागरीय परिस्थितियों में यह गर्म सतही जल (Warm Surface Water) और नीचे स्थित ठंडे गहरे जल (Cold Deep Water) के बीच पाई जाती है। इसका संबंध वायु के तापमान से नहीं, बल्कि जल के तापमान से है। इसके विपरीत, हैलोक्लाइन (Halocline) वह परत है, जहाँ गहराई के साथ जल की लवणता में तेजी से परिवर्तन होता है। हैलोक्लाइन का विकास विशेष रूप से उन क्षेत्रों में हो सकता है, जहाँ मीठे और खारे जल के बीच लवणता का स्पष्ट अंतर पाया जाता है। इस प्रकार पाइक्नोक्लाइन घनत्व, थर्मोक्लाइन तापमान और हैलोक्लाइन लवणता में तीव्र ऊर्ध्वाधर परिवर्तन को दर्शाते हैं।
इकोक्लाइन (Ecocline) एक पारिस्थितिकीय अवधारणा है, जो पर्यावरणीय प्रवणता (Environmental Gradient) के साथ जैविक समुदायों और प्रजातियों की संरचना में होने वाले क्रमिक परिवर्तन को दर्शाती है। उदाहरण के लिए, ऊँचाई, तापमान, मिट्टी की नमी अथवा लवणता में क्रमिक परिवर्तन के साथ वनस्पतियों और जीव समुदायों की संरचना भी बदल सकती है। इकोक्लाइन में प्रजातीय संरचना और पर्यावरणीय परिस्थितियों का परिवर्तन परस्पर संबंधित होता है। इसका अर्थ केवल जैव-विविधता (Biodiversity) नहीं है, क्योंकि जैव-विविधता में आनुवंशिक विविधता (Genetic Diversity), प्रजातीय विविधता (Species Diversity) और पारिस्थितिक तंत्र विविधता (Ecosystem Diversity) शामिल होती हैं।
महासागरों में तापमान और लवणता के कारण उत्पन्न घनत्व का अंतर जल के ऊर्ध्वाधर स्तरीकरण (Vertical Stratification) और परिसंचरण (Ocean Circulation) को प्रभावित करता है। कम घनत्व वाला जल सामान्यतः ऊपरी परतों में और अधिक घनत्व वाला जल नीचे स्थित होता है। पाइक्नोक्लाइन में तीव्र घनत्व प्रवणता ऊपरी तथा गहरे जल के बीच ऊर्ध्वाधर मिश्रण (Vertical Mixing) को सीमित कर सकती है, जिससे पोषक तत्त्वों और घुलित ऑक्सीजन (Dissolved Oxygen) के वितरण पर प्रभाव पड़ता है। तापमान और लवणता से संबंधित घनत्व भिन्नताएँ गहरे महासागरीय परिसंचरण, विशेषकर ताप-लवणीय परिसंचरण (Thermohaline Circulation), की महत्वपूर्ण प्रेरक शक्तियाँ हैं।