Previous Year Question
निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा “पारिस्थितिकीय निकेत” के बारे में सही नहीं है?
प्रबल प्रजातियाँ विस्तृत एवं व्यापक पारिस्थितिकीय निकेत को घेरती हैं।
प्राकृतिक पारिस्थितिक तंत्र के पारिस्थितिकीय निकेत में यदि संसाधन पर्याप्त हैं, तो प्रजातियों की अधिक संख्या हो जाती है।
पारिस्थितिकीय निकेत में यदि संसाधन पर्याप्त हैं, तो प्रजातियों की संख्या कम हो जाती है।
यदि किसी आवास में संसाधनों का समान वितरण होता है, तो एकल प्रजाति का प्रभुत्व न्यूनतम हो जाता है।
Correct Answer: C
Detailed Solution
पारिस्थितिकीय निकेत (Ecological Niche) किसी पारिस्थितिक तंत्र (Ecosystem) में प्रजाति की कार्यात्मक भूमिका (Functional Role), संसाधनों के उपयोग (Resource Utilization), पर्यावरणीय आवश्यकताओं और अन्य जीवों के साथ उसके पारिस्थितिक संबंधों को दर्शाता है। इसमें जीव का भोजन, आवास, सक्रियता का समय, प्रजनन संबंधी परिस्थितियाँ तथा प्रतिस्पर्धात्मक संबंध शामिल हो सकते हैं। पारिस्थितिकीय निकेत केवल जीव के रहने का स्थान नहीं है; आवास (Habitat) बताता है कि जीव कहाँ रहता है, जबकि निकेत यह स्पष्ट करता है कि वह पर्यावरण में किस प्रकार जीवित रहता है और संसाधनों का उपयोग करता है।
संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता (Resource Availability) प्राकृतिक पारिस्थितिक तंत्र में अधिक प्रजातियों के सह-अस्तित्व (Species Coexistence) को समर्थन दे सकती है। भोजन, जल, प्रकाश, पोषक तत्त्व और स्थान जैसे संसाधनों की उपलब्धता बढ़ने पर कई प्रजातियों के लिए जीवित रहने और प्रजनन करने की परिस्थितियाँ अनुकूल हो सकती हैं। इससे प्रजाति समृद्धि (Species Richness) बढ़ने की संभावना रहती है। हालाँकि केवल संसाधनों की प्रचुरता अधिक जैव विविधता की गारंटी नहीं देती; प्रतिस्पर्धा, जलवायु, आवास की विविधता और अन्य पारिस्थितिक कारक भी महत्त्वपूर्ण होते हैं। पर्याप्त संसाधनों के कारण प्रजातियों की संख्या अनिवार्य रूप से घटने का दावा वैज्ञानिक रूप से उचित नहीं है।
प्रबल प्रजातियाँ (Dominant Species) किसी जैविक समुदाय में संख्या, जैवभार (Biomass) अथवा संसाधनों के उपयोग के आधार पर प्रमुख स्थान रख सकती हैं। कुछ प्रबल प्रजातियाँ व्यापक पारिस्थितिकीय निकेत (Broad Ecological Niche) का उपयोग करती हैं, जिससे वे विभिन्न संसाधनों और पर्यावरणीय परिस्थितियों का लाभ उठा सकती हैं। हालाँकि व्यापक निकेत प्रत्येक प्रबल प्रजाति का अनिवार्य गुण नहीं है। यदि संसाधनों का वितरण अपेक्षाकृत समान हो और विभिन्न प्रजातियों को उनका उपयोग करने के अवसर मिलें, तो किसी एक प्रजाति का अत्यधिक प्रभुत्व कम हो सकता है। इस प्रकार संसाधनों की उपलब्धता और उनका वितरण सामुदायिक संरचना (Community Structure) तथा प्रजातीय विविधता को प्रभावित करते हैं।
गॉज़ का प्रतिस्पर्धी अपवर्जन सिद्धांत (Gause's Competitive Exclusion Principle) बताता है कि समान सीमित संसाधनों के लिए प्रतिस्पर्धा करने वाली दो प्रजातियाँ एक ही पारिस्थितिकीय निकेत में अनिश्चित काल तक स्थायी रूप से सह-अस्तित्व नहीं रख सकतीं। हालाँकि संसाधन विभाजन (Resource Partitioning) द्वारा प्रजातियाँ भोजन प्राप्त करने के अलग-अलग समय, स्थान या तरीकों को अपनाकर प्रतिस्पर्धा घटा सकती हैं। पारिस्थितिकीविद् रॉबर्ट मैकआर्थर (Robert MacArthur) ने दिखाया कि वार्बलर पक्षियों (Warblers) की पाँच निकट संबंधी प्रजातियाँ एक ही वृक्ष के अलग-अलग हिस्सों में भोजन खोजने के कारण सह-अस्तित्व बनाए रख सकती थीं। यह उदाहरण दर्शाता है कि संसाधनों का विभेदित उपयोग एक ही आवास में अनेक प्रजातियों के अस्तित्व को संभव बनाता है।