Previous Year Question
नीचे दो कथन हैं, जिसमें से एक को अभिकथन (A) और दूसरे को कारण (R) कहा गया है।
अभिकथन (A) – फरवरी, 2023 में 12 चीते को दक्षिण अफ्रीका से भारत लाया गया है।
कारण (R) – चीते की आबादी को सुधारना भारत की प्राथमिकता है।
नीचे दिये गये कूट से सही उत्तर का चयन कीजिए –
कूट –
(A) और (R) सत्य हैं किन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं करता है
(A) और (R) दोनों सत्य हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है
(A) गलत है किन्तु (R) सत्य है
(A) सत्य है किन्तु (R) गलत है
Correct Answer: B
Detailed Solution
अभिकथन (A) सत्य है। भारत सरकार के प्रोजेक्ट चीता (Project Cheetah) के अंतर्गत 18 फरवरी, 2023 को दक्षिण अफ्रीका से 12 अफ्रीकी चीते (African Cheetahs—Acinonyx jubatus) भारत लाए गए थे। इनमें 7 नर और 5 मादा चीते शामिल थे। इन्हें दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग से ग्वालियर होते हुए मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में स्थित कूनो राष्ट्रीय उद्यान (Kuno National Park) पहुँचाया गया। यह स्थानांतरण भारत में चीतों की आबादी पुनर्स्थापित करने के लिए चलाए जा रहे अंतरमहाद्वीपीय वन्यजीव स्थानांतरण (Intercontinental Wildlife Translocation) कार्यक्रम का हिस्सा था।
कारण (R) भी सत्य है। भारत में चीतों की आबादी को पुनर्स्थापित करना वन्यजीव संरक्षण की एक महत्वपूर्ण प्राथमिकता है। भारत सरकार और दक्षिण अफ्रीका के बीच जनवरी 2023 में हुए समझौता ज्ञापन (Memorandum of Understanding—MoU) का प्रमुख उद्देश्य भारत में चीतों की एक व्यवहार्य और सुरक्षित आबादी (Viable and Secure Population) स्थापित करना था। इसके अंतर्गत चीतों के ऐतिहासिक प्राकृतिक आवासों में उनकी पारिस्थितिक भूमिका (Ecological Role) बहाल करना, जैव विविधता संरक्षण (Biodiversity Conservation) को बढ़ावा देना तथा स्थानीय समुदायों की आजीविका के अवसरों को बेहतर बनाना शामिल था। इस संरक्षण प्राथमिकता को लागू करने के लिए ही दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते लाए गए थे।
भारत में चीते को वर्ष 1952 में आधिकारिक रूप से विलुप्त (Extinct in India) घोषित किया गया था। इसके प्रमुख ऐतिहासिक कारण अत्यधिक शिकार (Overhunting), प्राकृतिक आवासों का विनाश (Habitat Loss) और शिकार के लिए उपलब्ध वन्य जीवों की संख्या में कमी थे। चीतों की वापसी के लिए 17 सितंबर, 2022 को नामीबिया से प्रथम समूह के 8 चीते, जिनमें 5 मादा और 3 नर थे, कूनो राष्ट्रीय उद्यान लाए गए। इसके बाद फरवरी 2023 में दक्षिण अफ्रीका से आए 12 चीतों ने पुनर्स्थापना कार्यक्रम की प्रारंभिक आबादी को बढ़ाने में योगदान दिया।
प्रोजेक्ट चीता का उद्देश्य केवल चीतों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि भारत में उनके दीर्घकालिक संरक्षण के लिए उपयुक्त आवास और पारिस्थितिक परिस्थितियाँ विकसित करना भी है। चीता एक मांसाहारी शिकारी (Carnivorous Predator) है, जो शिकार प्रजातियों के साथ पारिस्थितिक संबंधों का हिस्सा होता है। इस कार्यक्रम में घासभूमि (Grasslands) और खुले प्राकृतिक पारिस्थितिक तंत्रों (Open Natural Ecosystems) का संरक्षण, शिकार प्रजातियों की उपलब्धता, आवास प्रबंधन और स्थानीय समुदायों की भागीदारी महत्वपूर्ण हैं। इस प्रकार चीतों की आबादी पुनर्स्थापित करने की भारत की प्राथमिकता, फरवरी 2023 में दक्षिण अफ्रीका से चीतों को लाने के निर्णय का प्रत्यक्ष कारण थी।