Previous Year Question
पोषक स्तर बनते हैं –
केवल पौधों से
केवल मांसाहारी जन्तुओं से
खाद्य श्रृंखला में जीवों के संबंध होने से
केवल जन्तुओं से
Correct Answer: C
Detailed Solution
पोषक स्तर (Trophic Level) किसी पारिस्थितिक तंत्र (Ecosystem) की खाद्य श्रृंखला (Food Chain) में जीवों की पोषण संबंधी स्थिति को दर्शाता है। खाद्य श्रृंखला का प्रत्येक चरण एक पोषक स्तर बनाता है। यह स्तर इस आधार पर निर्धारित होता है कि कोई जीव अपना भोजन किस स्रोत से प्राप्त करता है तथा ऊर्जा के प्रवाह (Energy Flow) में उसकी क्या भूमिका है। इस प्रकार पोषक स्तर उत्पादकों (Producers) और विभिन्न उपभोक्ताओं (Consumers) के बीच भोजन संबंधों से निर्धारित होते हैं।
खाद्य श्रृंखला में सामान्यतः प्रथम पोषक स्तर पर उत्पादक (Producers), जैसे हरे पौधे और शैवाल, होते हैं, जो प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) द्वारा भोजन बनाते हैं। द्वितीय पोषक स्तर पर प्राथमिक उपभोक्ता (Primary Consumers) अर्थात शाकाहारी जीव, तृतीय स्तर पर द्वितीयक उपभोक्ता (Secondary Consumers) और चतुर्थ स्तर पर तृतीयक उपभोक्ता (Tertiary Consumers) होते हैं। उदाहरण के लिए, घास → टिड्डा → मेंढक → साँप की खाद्य श्रृंखला में ये जीव क्रमशः प्रथम, द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ पोषक स्तर का प्रतिनिधित्व करते हैं।
पोषक स्तरों के बीच ऊर्जा का प्रवाह सामान्यतः एकदिशीय (Unidirectional) होता है। उत्पादक सौर ऊर्जा को रासायनिक ऊर्जा में परिवर्तित करते हैं, जो भोजन के माध्यम से अगले पोषक स्तरों तक पहुँचती है। लिंडेमैन के 10% नियम (Lindeman's 10% Law) के अनुसार, औसतन लगभग 10% ऊर्जा अगले पोषक स्तर तक स्थानांतरित होती है, जबकि शेष ऊर्जा का अधिकांश भाग उपापचयी प्रक्रियाओं और ऊष्मा के रूप में नष्ट या अनुपलब्ध हो जाता है। उदाहरण के लिए, यदि उत्पादकों के स्तर पर 10,000 kJ ऊर्जा उपलब्ध है, तो अगले स्तरों पर लगभग 1,000 kJ, 100 kJ और 10 kJ ऊर्जा उपलब्ध हो सकती है। यह एक सामान्यीकृत अनुमान है; वास्तविक ऊर्जा स्थानांतरण दक्षता अलग-अलग पारिस्थितिक तंत्रों में भिन्न हो सकती है।
प्राकृतिक पारिस्थितिक तंत्रों में अनेक खाद्य श्रृंखलाएँ आपस में जुड़कर खाद्य जाल (Food Web) बनाती हैं। कोई सर्वाहारी जीव (Omnivore) विभिन्न खाद्य स्रोतों के आधार पर एक से अधिक पोषक स्तरों से संबंधित हो सकता है। अपघटक (Decomposers), जैसे जीवाणु और कवक, मृत जैविक पदार्थों का अपघटन करके पोषक तत्त्वों के पुनर्चक्रण (Nutrient Recycling) में योगदान देते हैं। इसलिए पोषक स्तर केवल पौधों, मांसाहारी जीवों या अन्य जन्तुओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पारिस्थितिक तंत्र में जीवों के पोषण संबंधों और ऊर्जा स्थानांतरण पर आधारित होते हैं।