Previous Year Question
बायोलॉजिकल ऑक्सीजन डिमांड (बी.ओ.डी.) किसके लिए एक मानक मानदंड है?
रक्त में ऑक्सीजन के स्तर की जाँच के लिए
जलीय पारिस्थितिक तंत्र में प्रदूषण की जाँच के लिए
उच्च ऊँचाई वाले क्षेत्रों में ऑक्सीजन की जाँच के लिए
वन पारिस्थितिक तंत्रों में ऑक्सीजन के स्तर के संगणन के लिए
Correct Answer: B
Detailed Solution
जैवरासायनिक ऑक्सीजन माँग (Biochemical Oxygen Demand—BOD) जल की गुणवत्ता (Water Quality) और कार्बनिक प्रदूषण (Organic Pollution) के आकलन का एक महत्वपूर्ण मानक है। यह जल में उपस्थित जैवनिम्नीकरणीय कार्बनिक पदार्थों (Biodegradable Organic Matter) के अपघटन के दौरान वायवीय सूक्ष्मजीवों (Aerobic Microorganisms) द्वारा उपयोग की जाने वाली घुलित ऑक्सीजन (Dissolved Oxygen—DO) की मात्रा को दर्शाता है। घरेलू मलजल (Domestic Sewage), पशु अपशिष्ट और खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों से निकलने वाले कार्बनिक पदार्थ BOD बढ़ा सकते हैं। इसलिए इसका उपयोग नदियों, झीलों तथा अन्य जलीय पारिस्थितिक तंत्रों में कार्बनिक प्रदूषण के आकलन के लिए किया जाता है।
BOD का मापन सामान्यतः पाँच दिनों की अवधि में 20°C तापमान पर किया जाता है, जिसे BOD₅ कहते हैं। इसमें जल के नमूने की प्रारंभिक घुलित ऑक्सीजन मापी जाती है और फिर नमूने को निर्धारित परिस्थितियों में पाँच दिन तक अंधेरे में रखा जाता है। इसके बाद शेष घुलित ऑक्सीजन मापकर दोनों के अंतर से ऑक्सीजन की खपत निर्धारित की जाती है। BOD को सामान्यतः मिलीग्राम ऑक्सीजन प्रति लीटर जल (mg/L) में व्यक्त किया जाता है। यह परीक्षण जल में उपस्थित जैवनिम्नीकरणीय कार्बनिक पदार्थों के कारण उत्पन्न ऑक्सीजन माँग का अनुमान देता है।
अधिक BOD मान सामान्यतः अधिक कार्बनिक प्रदूषण का संकेत देता है। जल में कार्बनिक पदार्थों की मात्रा बढ़ने पर सूक्ष्मजीव उनके अपघटन के लिए अधिक ऑक्सीजन का उपयोग करते हैं, जिससे घुलित ऑक्सीजन कम हो सकती है। ऑक्सीजन की अत्यधिक कमी को हाइपोक्सिया (Hypoxia) कहा जाता है, जिससे मछलियों और अन्य जलीय जीवों का अस्तित्व प्रभावित हो सकता है। NCERT के अनुसार, स्वच्छ जल का BOD सामान्यतः 5 ppm से कम हो सकता है, जबकि अत्यधिक कार्बनिक प्रदूषण वाले जल में यह 17 ppm या अधिक हो सकता है। ये उदाहरणात्मक मान हैं; जल गुणवत्ता की वास्तविक सीमा उसके निर्धारित उपयोग पर निर्भर करती है।
BOD, DO और COD में अंतर समझना आवश्यक है। DO (Dissolved Oxygen) जल में उपलब्ध वास्तविक घुलित ऑक्सीजन की मात्रा बताता है, जबकि BOD सूक्ष्मजीवी प्रक्रियाओं द्वारा ऑक्सीजन की माँग को दर्शाता है। इसके विपरीत COD (Chemical Oxygen Demand) रासायनिक ऑक्सीकरण द्वारा ऑक्सीजन की समतुल्य माँग को मापता है। BOD मुख्यतः जैवनिम्नीकरणीय कार्बनिक प्रदूषण का सूचक है; यह भारी धातुओं जैसे सभी प्रदूषकों का प्रत्यक्ष मापन नहीं करता। रक्त में ऑक्सीजन के स्तर, उच्च पर्वतीय क्षेत्रों की वायुमंडलीय ऑक्सीजन अथवा वन पारिस्थितिक तंत्रों की ऑक्सीजन गणना के लिए BOD का उपयोग नहीं किया जाता।