JAGTIV · Previous Year Questions

UPPSC

ENVIRONMENT · 2020

Previous Year Question

निम्नलिखित घटनाओं को कालानुक्रमिक क्रम में व्यवस्थित कीजिए तथा नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए :

I. रियो पृथ्वी शिखर सम्मेलन
II. ब्रंटलैंड आयोग रिपोर्ट का प्रकाशन
III. मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल का प्रवर्तन
IV. “द लिमिट टू ग्रोथ” रिपोर्ट का प्रकाशन

कूट :

A.

I, IV, III, II

B.

IV, II, III, I

C.

IV, III, II, I

D.

IV, I, III, II

Correct Answer: B

Detailed Solution

‘द लिमिट्स टू ग्रोथ’ (The Limits to Growth, 1972) रिपोर्ट क्लब ऑफ रोम (Club of Rome) के लिए मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) के शोधकर्ताओं द्वारा तैयार की गई थी। इसके प्रमुख लेखकों में डोनेला मीडोज (Donella Meadows), डेनिस मीडोज (Dennis Meadows), योर्गेन रैंडर्स (Jørgen Randers) और विलियम बेहरेंस (William Behrens) शामिल थे। इस अध्ययन में World3 कंप्यूटर मॉडल का उपयोग करके जनसंख्या वृद्धि, औद्योगिक उत्पादन, खाद्य उत्पादन, प्राकृतिक संसाधनों के क्षय तथा प्रदूषण के बीच संबंधों का विश्लेषण किया गया। रिपोर्ट ने सीमित प्राकृतिक संसाधनों वाली पृथ्वी पर अनियंत्रित भौतिक वृद्धि के दीर्घकालिक परिणामों के प्रति चेतावनी दी।

ब्रंटलैंड आयोग की रिपोर्ट (Brundtland Commission Report, 1987) का आधिकारिक शीर्षक Our Common Future है। इसे संयुक्त राष्ट्र के विश्व पर्यावरण एवं विकास आयोग (World Commission on Environment and Development—WCED) ने नॉर्वे की पूर्व प्रधानमंत्री ग्रो हार्लेम ब्रंटलैंड (Gro Harlem Brundtland) की अध्यक्षता में तैयार किया था। इस रिपोर्ट ने सतत विकास (Sustainable Development) को ऐसी विकास प्रक्रिया के रूप में परिभाषित किया, जो वर्तमान पीढ़ी की आवश्यकताओं को पूरा करते हुए भविष्य की पीढ़ियों की अपनी आवश्यकताएँ पूरी करने की क्षमता से समझौता नहीं करती। रिपोर्ट ने पर्यावरण संरक्षण, आर्थिक विकास और सामाजिक आवश्यकताओं के बीच संतुलन पर बल दिया।

मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल (Montreal Protocol) को 16 सितंबर 1987 को कनाडा के मॉन्ट्रियल शहर में अपनाया गया था, लेकिन यह 1 जनवरी 1989 को प्रभावी (Entered into Force) हुआ। इसका प्रमुख उद्देश्य समतापमंडलीय ओजोन परत (Stratospheric Ozone Layer) का क्षय करने वाले पदार्थों, विशेषतः क्लोरोफ्लोरोकार्बन (CFCs) और हैलोन (Halons), के उत्पादन एवं उपभोग को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करना है। यह वियना अभिसमय, 1985 (Vienna Convention) के अंतर्गत विकसित किया गया था।

रियो पृथ्वी शिखर सम्मेलन (Rio Earth Summit, 1992) का आयोजन 3 से 14 जून 1992 के बीच ब्राजील के रियो डी जेनेरो (Rio de Janeiro) में हुआ। इसका आधिकारिक नाम United Nations Conference on Environment and Development (UNCED) था। सम्मेलन में पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक विकास के समन्वय पर बल दिया गया। इसकी प्रमुख उपलब्धियों में रियो घोषणा (Rio Declaration), एजेंडा 21 (Agenda 21) और वन सिद्धांत (Forest Principles) शामिल थे। इसी सम्मेलन के दौरान जलवायु परिवर्तन संबंधी संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क अभिसमय (UNFCCC) तथा जैव विविधता अभिसमय (CBD) हस्ताक्षर के लिए प्रस्तुत किए गए।

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