JAGTIV · Previous Year Questions

UPPSC

ENVIRONMENT · 2020

Previous Year Question

निम्नलिखित में से कौन-सा वैश्विक तापवृद्धि (ग्लोबल वार्मिंग) का प्रभाव है?

  1. समुद्रजलस्तरकाबढ़ना

  2. हिमनदीकापिघलना

  3. बीमारियोंकाफैलना

  4. प्रवालभित्तिकाविरंजनहोना

सही उत्तर का चयन नीचे दिए गए कूट से कीजिए :

A.

केवल 1, 2 और 3

B.

केवल 1, 2 और 3

C.

केवल 1, 3 और 4

D.

1, 2, 3 और 4

Correct Answer: D

Detailed Solution

वैश्विक तापवृद्धि (Global Warming) पृथ्वी के औसत सतही तापमान में दीर्घकालिक वृद्धि को कहते हैं। इसका प्रमुख कारण मानवीय गतिविधियों से कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂), मिथेन (CH₄) तथा अन्य ग्रीनहाउस गैसों (Greenhouse Gases) की सांद्रता में वृद्धि है। कथन 1 सही है। तापमान बढ़ने से समुद्री जल का तापीय प्रसार (Thermal Expansion) होता है तथा स्थल पर स्थित हिमनदों और हिमचादरों के पिघलने से अतिरिक्त जल महासागरों में पहुँचता है। इन दोनों प्रक्रियाओं के कारण समुद्र जल स्तर (Sea Level) बढ़ता है, जिससे तटीय बाढ़, तटीय कटाव और खारे पानी के प्रवेश का जोखिम बढ़ जाता है।

कथन 2 सही है। वैश्विक तापवृद्धि के कारण हिमनदों (Glaciers) का पिघलना तथा उनका आकार घटने की प्रक्रिया तेज हो सकती है। हिमालय, आल्प्स और अन्य पर्वतीय क्षेत्रों में बढ़ता तापमान हिमनदों के द्रव्यमान संतुलन (Mass Balance) को प्रभावित करता है। हिमनदों के सिकुड़ने से प्रारंभिक अवधि में नदी प्रवाह तथा हिमनदी झीलों का विस्तार बढ़ सकता है, जबकि दीर्घकाल में हिमनदों पर निर्भर जल संसाधनों की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है। IPCC के अनुसार, 1990 के दशक से विश्वव्यापी हिमनदी संकुचन का प्रमुख कारण मानवीय प्रभाव रहा है।

कथन 3 सही है। वैश्विक तापवृद्धि और जलवायु परिवर्तन (Climate Change) से संक्रामक रोगों (Infectious Diseases) के प्रसार का जोखिम बढ़ सकता है। तापमान, वर्षा और आर्द्रता में परिवर्तन मच्छरों जैसे रोगवाहकों (Vectors) के प्रजनन, सक्रियता और भौगोलिक वितरण को प्रभावित करते हैं। इससे कुछ क्षेत्रों में मलेरिया (Malaria), डेंगू (Dengue) और चिकनगुनिया (Chikungunya) जैसी बीमारियों के फैलने की संभावना बढ़ती है। इसके अतिरिक्त बाढ़, सूखा और दूषित जल से हैजा (Cholera) तथा अतिसार (Diarrhoea) जैसे जलजनित रोगों (Water-borne Diseases) का जोखिम भी बढ़ सकता है। हालाँकि रोगों का वास्तविक प्रसार स्थानीय जलवायु, स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवाओं पर भी निर्भर करता है।

कथन 4 सही है। प्रवाल भित्ति विरंजन (Coral Bleaching) महासागरों के तापमान में असामान्य वृद्धि से जुड़ी एक प्रमुख पर्यावरणीय समस्या है। प्रवाल (Corals) के ऊतकों में जूजैंथेली (Zooxanthellae) नामक सहजीवी प्रकाश संश्लेषी शैवाल पाए जाते हैं, जो प्रवालों को पोषण और रंग प्रदान करते हैं। समुद्री जल का तापमान अत्यधिक बढ़ने पर प्रवाल तनावग्रस्त होकर इन शैवालों को बाहर निकाल सकते हैं, जिससे वे सफेद दिखाई देने लगते हैं। लंबे समय तक तापीय तनाव (Thermal Stress) बने रहने से प्रवालों की मृत्यु हो सकती है। हालाँकि अनुकूल परिस्थितियाँ लौटने पर कुछ विरंजित प्रवाल पुनः स्वस्थ भी हो सकते हैं।

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