JAGTIV · Previous Year Questions

UPPSC

ENVIRONMENT · 2020

Previous Year Question

यूट्रोफिकेशन (Eutrophication) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

  1. यह जल में घुलित ऑक्सीजन को कम करता है।

  2. यह जल निकाय में पोषक तत्व संवर्धन की घटना है।

नीचे दिए गए कूट में से सही उत्तर चुनिए।

कूट :

A.

केवल 1

B.

केवल 2

C.

1 तथा 2 दोनों

D.

न तो 1 न ही 2

Correct Answer: C

Detailed Solution

कथन 1 सही है। यूट्रोफिकेशन (Eutrophication), जिसे सुपोषण कहा जाता है, वह प्रक्रिया है जिसमें किसी जल निकाय (Water Body), जैसे झील, तालाब या नदी में पोषक तत्त्वों की अत्यधिक वृद्धि होती है। इसके लिए मुख्यतः नाइट्रोजन (Nitrogen) और फॉस्फोरस (Phosphorus) उत्तरदायी होते हैं, जो नाइट्रेट (Nitrate) तथा फॉस्फेट (Phosphate) के रूप में जल में प्रवेश करते हैं। इनके प्रमुख स्रोत कृषि उर्वरकों का अपवाह (Agricultural Runoff), घरेलू मलजल (Sewage) तथा औद्योगिक अपशिष्ट हैं। पोषक तत्त्वों की अधिकता से शैवाल और जलीय वनस्पतियों की वृद्धि तेज हो जाती है।

कथन 2 भी सही है। अतिरिक्त पोषक तत्त्वों के कारण शैवालों की अत्यधिक वृद्धि होती है, जिसे शैवाल प्रस्फुटन (Algal Bloom) कहते हैं। शैवालों की घनी परत जल के भीतर सूर्य के प्रकाश की पहुँच कम कर सकती है, जिससे जलीय पौधों का प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) प्रभावित होता है। जब शैवाल और अन्य जलीय पौधे मरते हैं, तब उनके अपघटन (Decomposition) में वायवीय जीवाणु (Aerobic Bacteria) बड़ी मात्रा में घुलित ऑक्सीजन (Dissolved Oxygen—DO) का उपयोग करते हैं। इसके परिणामस्वरूप जल में ऑक्सीजन की उपलब्धता घटती है।

जैवरासायनिक ऑक्सीजन माँग (Biochemical Oxygen Demand—BOD) जल में उपस्थित जैविक पदार्थों के सूक्ष्मजीवी अपघटन के लिए आवश्यक ऑक्सीजन की मात्रा को दर्शाती है। सुपोषण के दौरान मृत शैवालों और अन्य कार्बनिक पदार्थों के बढ़ने से BOD बढ़ सकती है, जिससे DO कम होने लगती है। जब घुलित ऑक्सीजन अत्यधिक कम हो जाती है, तो इस स्थिति को हाइपोक्सिया (Hypoxia) कहते हैं। लगभग पूर्ण ऑक्सीजन अभाव को एनॉक्सिया (Anoxia) कहा जाता है। ऐसी परिस्थितियों में मछलियों और अन्य जलीय जीवों की मृत्यु हो सकती है तथा मृत क्षेत्र (Dead Zones) विकसित हो सकते हैं।

सुपोषण प्राकृतिक और मानवजनित दोनों प्रकार का होता है। प्राकृतिक सुपोषण (Natural Eutrophication) जल निकायों में लंबे समय तक पोषक तत्त्वों के संचय से विकसित होता है, जबकि मानवजनित या सांस्कृतिक सुपोषण (Cultural Eutrophication) कृषि, घरेलू और औद्योगिक अपशिष्टों के कारण तेजी से बढ़ता है। इसे नियंत्रित करने के लिए मलजल उपचार (Wastewater Treatment), उर्वरकों का संतुलित उपयोग तथा जल निकायों में नाइट्रोजन और फॉस्फोरस के प्रवाह को सीमित करना आवश्यक है।

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