Previous Year Question
सुपोषण के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है/हैं?
यहजलनिकायकेपोषकतत्वसंवर्धनकीघटनाहै।
यहजलमेंघुलितऑक्सीजनकोकमकरताहै।
नीचे दिए हुए कूट में से सही उत्तर चुनिए :
केवल 1
केवल 2
1 और 2 दोनों
न तो 1 और न ही 2
Correct Answer: C
Detailed Solution
सुपोषण (Eutrophication) वह प्रक्रिया है, जिसमें किसी जल निकाय (Water Body), जैसे झील, तालाब या नदी में पोषक तत्त्वों की मात्रा अत्यधिक बढ़ जाती है। इसके लिए मुख्यतः नाइट्रोजन (Nitrogen) और फॉस्फोरस (Phosphorus) उत्तरदायी होते हैं, जो जल में नाइट्रेट (Nitrate) और फॉस्फेट (Phosphate) जैसे रूपों में उपस्थित रहते हैं। कृषि क्षेत्रों से उर्वरकों का अपवाह (Agricultural Runoff), घरेलू मलजल (Sewage), औद्योगिक अपशिष्ट तथा कुछ डिटर्जेंट इन पोषक तत्त्वों के प्रमुख स्रोत हैं। इनकी अधिकता से शैवाल और जलीय पौधों की असामान्य वृद्धि होने लगती है।
शैवाल प्रस्फुटन (Algal Bloom) सुपोषण का एक प्रमुख परिणाम है। अतिरिक्त पोषक तत्त्वों के कारण शैवाल (Algae) और सायनोबैक्टीरिया (Cyanobacteria) की आबादी तेजी से बढ़ सकती है। अत्यधिक शैवाल जल की सतह को ढककर नीचे स्थित जलीय पौधों तक सूर्य के प्रकाश की पहुँच कम कर देते हैं, जिससे प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) प्रभावित होता है। जब ये शैवाल और अन्य जलीय पौधे मरते हैं, तो उनके अपघटन (Decomposition) में सक्रिय वायवीय जीवाणु (Aerobic Bacteria) जल में घुलित ऑक्सीजन (Dissolved Oxygen—DO) का उपयोग करते हैं। इससे जल में ऑक्सीजन की मात्रा घटने लगती है।
जैवरासायनिक ऑक्सीजन माँग (Biochemical Oxygen Demand—BOD) जल में उपस्थित जैविक पदार्थों के अपघटन के लिए सूक्ष्मजीवों द्वारा आवश्यक ऑक्सीजन की मात्रा को दर्शाती है। सुपोषण के दौरान मृत जैविक पदार्थ बढ़ने से BOD बढ़ सकती है और घुलित ऑक्सीजन कम हो सकती है। अत्यधिक ऑक्सीजन की कमी को हाइपोक्सिया (Hypoxia) तथा लगभग पूर्ण अभाव को एनॉक्सिया (Anoxia) कहा जाता है। ऐसी परिस्थितियों में मछलियों, घोंघों और अन्य जलीय जीवों का जीवित रहना कठिन हो जाता है। गंभीर रूप से ऑक्सीजन-विहीन क्षेत्रों को मृत क्षेत्र (Dead Zones) भी कहा जाता है।
सुपोषण प्राकृतिक तथा मानवजनित दोनों प्रकार का हो सकता है। प्राकृतिक सुपोषण (Natural Eutrophication) में लंबे समय के दौरान पोषक तत्त्वों और कार्बनिक पदार्थों का संचय होता है, जबकि मानवजनित या सांस्कृतिक सुपोषण (Cultural Eutrophication) कृषि उर्वरकों, अनुपचारित मलजल और अन्य मानवीय गतिविधियों से तीव्र हो जाता है। इसे नियंत्रित करने के लिए मलजल का उचित उपचार, उर्वरकों का संतुलित उपयोग तथा जल निकायों में नाइट्रोजन और फॉस्फोरस के प्रवेश को सीमित करना आवश्यक है।