Previous Year Question
भस्मक का उपयोग निम्नलिखित में से किसके लिए किया जाता है?
कचरा जलाने के लिए
उसमें कचरा डालने के लिए
हरे पेड़ों को काटने के लिए
उर्वरक बनाने के लिए
Correct Answer: A
Detailed Solution
भस्मक (Incinerator) एक विशेष प्रकार का उपकरण या संयंत्र है, जिसका उपयोग कचरे को नियंत्रित परिस्थितियों में उच्च तापमान पर जलाने के लिए किया जाता है। इस प्रक्रिया को भस्मीकरण (Incineration) कहते हैं। इसमें कचरे के दहनशील कार्बनिक पदार्थों का ऑक्सीकरण (Oxidation) होता है, जिससे ऊष्मा, गैसें और राख (Ash) उत्पन्न होती हैं। भस्मीकरण का प्रमुख उद्देश्य कचरे की मात्रा और आयतन कम करना तथा उपयुक्त परिस्थितियों में हानिकारक सूक्ष्मजीवों को नष्ट करना है।
भस्मीकरण प्रक्रिया (Incineration Process) में कचरे को विशेष दहन कक्ष (Combustion Chamber) में निर्धारित तापमान और पर्याप्त ऑक्सीजन की उपस्थिति में जलाया जाता है। आधुनिक चिकित्सा अपशिष्ट भस्मकों (Medical Waste Incinerators) में उच्च तापमान और गैस शोधन उपकरणों (Gas-cleaning Equipment) का उपयोग किया जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, उपयुक्त गैस शोधन व्यवस्था वाले आधुनिक भस्मक सामान्यतः 850–1100°C के तापमान पर संचालित होकर डाइऑक्सिन और फ्यूरान के अंतरराष्ट्रीय उत्सर्जन मानकों का अनुपालन कर सकते हैं।
भस्मकों का उपयोग नगरपालिका ठोस अपशिष्ट (Municipal Solid Waste), कुछ जैव-चिकित्सीय अपशिष्ट (Biomedical Waste) तथा निर्धारित खतरनाक औद्योगिक अपशिष्ट (Hazardous Industrial Waste) के उपचार में किया जाता है। कुछ अपशिष्ट-से-ऊर्जा संयंत्रों (Waste-to-Energy Plants) में कचरे के दहन से प्राप्त ऊष्मा द्वारा भाप बनाकर विद्युत उत्पादन भी किया जाता है। अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन (EIA) के अनुसार, ऐसे संयंत्रों में भस्मीकरण से कचरे का आयतन लगभग 87 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है, हालाँकि वास्तविक कमी कचरे की संरचना और प्रक्रिया पर निर्भर करती है।
भस्मीकरण और कम्पोस्टिंग (Composting) अपशिष्ट प्रबंधन की अलग-अलग प्रक्रियाएँ हैं। कम्पोस्टिंग में सूक्ष्मजीव जैविक कचरे को विघटित करके कम्पोस्ट खाद बनाते हैं, जबकि भस्मीकरण में उपयुक्त दहनशील कचरे को जलाया जाता है। भस्मीकरण से कणीय पदार्थ (Particulate Matter), अम्लीय गैसें तथा अनुचित संचालन की स्थिति में डाइऑक्सिन (Dioxins) और फ्यूरान (Furans) जैसे प्रदूषक निकल सकते हैं। इसलिए कचरे का पृथक्करण (Waste Segregation), उत्सर्जन नियंत्रण और शेष राख का सुरक्षित निपटान आवश्यक है।