Previous Year Question
जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र का सम्मेलन COP21 आयोजित हुआ था
मास्को में
पेरिस में
बर्लिन में
टोकियो में
Correct Answer: B
Detailed Solution
जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन COP21 (21st Conference of the Parties) का आयोजन 30 नवंबर से 12 दिसंबर 2015 तक फ्रांस की राजधानी पेरिस (Paris) में हुआ था। यह सम्मेलन जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क अभिसमय (United Nations Framework Convention on Climate Change—UNFCCC) के अंतर्गत आयोजित किया गया था। COP का पूरा नाम Conference of the Parties है, जिसका उद्देश्य सदस्य देशों के बीच जलवायु परिवर्तन, ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन और अंतरराष्ट्रीय पर्यावरणीय सहयोग पर निर्णय लेना है।
COP21 की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि पेरिस समझौता (Paris Agreement) था, जिसे 12 दिसंबर 2015 को अपनाया गया। यह जलवायु परिवर्तन से संबंधित एक कानूनी रूप से बाध्यकारी अंतरराष्ट्रीय समझौता है, जो 4 नवंबर 2016 को प्रभावी हुआ। इसका प्रमुख लक्ष्य वैश्विक औसत तापमान में वृद्धि को पूर्व-औद्योगिक स्तर (Pre-industrial Level) से 2°C से काफी नीचे रखना तथा इसे 1.5°C तक सीमित करने के प्रयास करना है। यह समझौता विकसित और विकासशील दोनों प्रकार के देशों की जलवायु कार्रवाई के लिए साझा अंतरराष्ट्रीय ढाँचा प्रदान करता है।
पेरिस समझौते के अंतर्गत सदस्य देश राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (Nationally Determined Contributions—NDCs) प्रस्तुत करते हैं। इनमें ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन कम करने, नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) को बढ़ावा देने तथा जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के अनुकूलन (Climate Adaptation) की योजनाएँ शामिल होती हैं। देशों से प्रत्येक पाँच वर्ष में अपने NDCs प्रस्तुत करने की अपेक्षा की जाती है, जिनमें क्रमशः अधिक महत्वाकांक्षी जलवायु लक्ष्य निर्धारित किए जाते हैं। समझौते में विकासशील देशों के लिए जलवायु वित्त (Climate Finance), प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और क्षमता निर्माण संबंधी प्रावधान भी शामिल हैं।
अंतरराष्ट्रीय जलवायु सम्मेलनों के इतिहास में प्रथम COP सम्मेलन 1995 में बर्लिन (जर्मनी) में आयोजित हुआ था। तीसरे सम्मेलन COP3 का आयोजन 1997 में जापान के क्योटो (Kyoto) शहर में हुआ, जहाँ क्योटो प्रोटोकॉल (Kyoto Protocol) अपनाया गया था। क्योटो प्रोटोकॉल ने विकसित देशों के लिए ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन घटाने के कानूनी रूप से बाध्यकारी लक्ष्य निर्धारित किए थे। इसके बाद COP21, पेरिस (2015) में पेरिस समझौता अपनाया गया, जिसने जलवायु कार्रवाई में सभी भागीदार देशों के योगदान पर आधारित व्यवस्था स्थापित की।