Previous Year Question
निम्नलिखित में से किस पारिस्थितिकीय तंत्र के पौधों का जैविक पदार्थ अधिकतम है?
उष्णकटिबन्धीय पतझड़ वन
उष्णकटिबन्धीय वर्षा वन
शीतोष्ण पतझड़ वन
शीतोष्ण पतझड़ वन
Correct Answer: B
Detailed Solution
उष्णकटिबन्धीय वर्षा वन (Tropical Rainforests) दिए गए पारिस्थितिक तंत्रों में सर्वाधिक पादप जैवभार (Plant Biomass) वाले वन हैं। जैवभार से तात्पर्य किसी निश्चित क्षेत्र में उपस्थित जीवित जैविक पदार्थ की कुल मात्रा से है, जिसे सामान्यतः शुष्क भार (Dry Weight) या उसमें संचित कार्बन के आधार पर मापा जाता है। उष्णकटिबन्धीय वर्षा वनों में विशाल वृक्षों, घनी वनस्पतियों, लताओं तथा विभिन्न स्तरों पर विकसित पौधों के कारण बड़ी मात्रा में जैविक पदार्थ संचित रहता है।
उच्च तापमान, प्रचुर वर्षा और वर्षभर उपलब्ध सौर ऊर्जा इन वनों में वनस्पतियों की वृद्धि के प्रमुख अनुकूल कारक हैं। यहाँ सामान्यतः वार्षिक वर्षा 2,000 मिलीमीटर या उससे अधिक हो सकती है तथा तापमान अपेक्षाकृत ऊँचा रहता है। इन परिस्थितियों में प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) और प्राथमिक उत्पादकता (Primary Productivity) की दर सामान्यतः अधिक होती है। सदाबहार वृक्षों की लंबी वृद्धि अवधि तथा बहुस्तरीय वन संरचना (Multi-layered Forest Structure) भी अधिक जैवभार के संचय में योगदान देती हैं।
उष्णकटिबन्धीय पतझड़ वन (Tropical Deciduous Forests) में वर्षा अपेक्षाकृत कम तथा शुष्क ऋतु स्पष्ट होती है। शुष्क मौसम में अनेक वृक्ष पत्तियाँ गिरा देते हैं, जिससे वनस्पति वृद्धि और जैवभार संचय प्रभावित होता है। शीतोष्ण पतझड़ वन (Temperate Deciduous Forests) में ठंडी ऋतु और सीमित वृद्धि अवधि के कारण वार्षिक उत्पादकता सामान्यतः कम होती है। रेगिस्तानी झाड़ियों (Desert Shrubs) में वर्षा एवं जल उपलब्धता अत्यंत सीमित होने से वनस्पति विरल और जैवभार बहुत कम रहता है। एक पारंपरिक वैश्विक आकलन में उष्णकटिबन्धीय वर्षा वनों के जैवभार में लगभग 202.5 टन कार्बन प्रति हेक्टेयर, उष्णकटिबन्धीय मौसमी वनों में 157.5 टन तथा शीतोष्ण पतझड़ वनों में 135 टन कार्बन प्रति हेक्टेयर का अनुमान दिया गया है।
अमेजन बेसिन (Amazon Basin), कांगो बेसिन (Congo Basin) और दक्षिण-पूर्व एशिया उष्णकटिबन्धीय वर्षा वनों के प्रमुख क्षेत्र हैं। भारत में पश्चिमी घाट, पूर्वोत्तर भारत तथा अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह के कुछ भागों में ऐसे वन पाए जाते हैं। ये वन विशाल मात्रा में कार्बन का भंडारण करते हैं तथा जल चक्र (Water Cycle), जलवायु विनियमन (Climate Regulation) और जैव विविधता संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जैवभार (Biomass) और उत्पादकता (Productivity) अलग अवधारणाएँ हैं: जैवभार किसी समय पर उपस्थित जैविक पदार्थ की मात्रा है, जबकि उत्पादकता एक निश्चित अवधि में नए जैविक पदार्थ के निर्माण की दर है।