JAGTIV · Previous Year Questions

UPPSC

ENVIRONMENT · 2017

Previous Year Question

निम्न में से कौन सा सही सुमेलित नहीं है ?

नत्रजन स्थिरीकरण कारक — फसल

A.

नील-हरित शैवाल — धान

B.

राइजोबियम लेग्यूमिनिसारम — मटर

C.

एजोटो बैक्टर — गेहूँ

D.

अजोला — मक्का

Correct Answer: D

Detailed Solution

जैविक नाइट्रोजन स्थिरीकरण (Biological Nitrogen Fixation) वह प्रक्रिया है, जिसमें कुछ सूक्ष्मजीव वायुमंडलीय नाइट्रोजन (N₂) को अमोनिया (NH₃) जैसे पौधों द्वारा उपयोग किए जा सकने वाले रूपों में परिवर्तित करते हैं। इस प्रक्रिया में नाइट्रोजिनेज एंजाइम (Nitrogenase Enzyme) महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। नाइट्रोजन स्थिरीकरण करने वाले जीवों का उपयोग जैव उर्वरक (Biofertilizers) के रूप में किया जाता है, जिससे मिट्टी की उर्वरता तथा पौधों को नाइट्रोजन की उपलब्धता बढ़ सकती है।

नील-हरित शैवाल (Blue-Green Algae) — धान: नील-हरित शैवाल वास्तव में प्रकाश संश्लेषी सायनोबैक्टीरिया (Cyanobacteria) हैं। Anabaena और Nostoc जैसे जीव वायुमंडलीय नाइट्रोजन का स्थिरीकरण कर सकते हैं। जलमग्न धान के खेतों में पर्याप्त जल, प्रकाश और अनुकूल तापमान इनके विकास में सहायक होते हैं। इनके द्वारा स्थिर की गई नाइट्रोजन धान के पौधों के लिए उपलब्ध हो सकती है। इस कारण नील-हरित शैवाल का उपयोग धान की खेती में जैव उर्वरक के रूप में किया जाता है।

राइजोबियम लेग्यूमिनोसारम (Rhizobium leguminosarum) — मटर: यह जीवाणु दलहनी पौधों (Leguminous Plants) की जड़ों में मूल ग्रंथियाँ (Root Nodules) बनाकर सहजीवी नाइट्रोजन स्थिरीकरण (Symbiotic Nitrogen Fixation) करता है। जीवाणु पौधे से कार्बोहाइड्रेट प्राप्त करता है और बदले में नाइट्रोजन उपलब्ध कराता है। एजोटोबैक्टर (Azotobacter) — गेहूँ: यह एक स्वतंत्र रूप से रहने वाला नाइट्रोजन स्थिरीकरण जीवाणु (Free-Living Nitrogen-Fixing Bacterium) है, जो मिट्टी में बिना मूल ग्रंथियाँ बनाए नाइट्रोजन स्थिरीकरण करता है। इसका उपयोग गेहूँ सहित विभिन्न गैर-दलहनी फसलों में जैव उर्वरक के रूप में किया जाता है।

अजोला (Azolla) एक स्वतंत्र रूप से जल की सतह पर तैरने वाला जलीय फर्न (Aquatic Fern) है। इसकी पत्तियों में Anabaena azollae नामक नाइट्रोजन स्थिरीकरण करने वाला सायनोबैक्टीरिया सहजीवी रूप में रहता है। अजोला का उपयोग मुख्यतः धान की जलमग्न खेती (Flooded Paddy Cultivation) में हरी खाद (Green Manure) तथा जैव उर्वरक के रूप में किया जाता है। इसके विघटन से नाइट्रोजन मिट्टी में उपलब्ध होती है। मक्का (Maize) सामान्यतः शुष्क अथवा अच्छी जल निकासी वाली परिस्थितियों में उगाया जाता है, इसलिए अजोला-मक्का पारंपरिक नाइट्रोजन स्थिरीकरण संबंधी फसल-युग्म नहीं है। मक्का सहित गैर-दलहनी फसलों के लिए Azotobacter और Azospirillum जैसे जीवाणुओं का उपयोग किया जाता है।

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