Previous Year Question
निम्नलिखित में से कौन-से जलवायु परिवर्तन के प्रमुख कारक हैं ?
जीवाश्मिकईंधनकाअधिकाधिकप्रज्वलन
तैलचालितस्वचालितोंकीसंख्याविस्फोटन
सौर-धधकमेंवृद्धि
अत्यधिकवनोन्मूलन
नीचे दिए गए कूट द्वारा सही उत्तर चुनिए :
केवल 2 तथा 3
केवल 1, 2 तथा 4
1, 2, 3 तथा 4
केवल 1 तथा 4
Correct Answer: B
Detailed Solution
जलवायु परिवर्तन (Climate Change) का अर्थ तापमान, वर्षा, पवनों तथा अन्य जलवायवीय परिस्थितियों में दीर्घकालिक परिवर्तन से है। वर्तमान वैश्विक तापवृद्धि (Global Warming) का प्रमुख कारण मानवीय गतिविधियों से वायुमंडल में ग्रीनहाउस गैसों (Greenhouse Gases) की सांद्रता बढ़ना है। इनमें कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂), मिथेन (CH₄) और नाइट्रस ऑक्साइड (N₂O) प्रमुख हैं। ये गैसें पृथ्वी से उत्सर्जित अवरक्त विकिरण (Infrared Radiation) को अवशोषित करके हरितगृह प्रभाव (Greenhouse Effect) बढ़ाती हैं। IPCC के अनुसार आधुनिक वैश्विक तापवृद्धि में मानवीय गतिविधियों की भूमिका निर्णायक है।
कथन 1 — जीवाश्म ईंधन का अत्यधिक दहन: कोयला, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस के जलने से बड़ी मात्रा में CO₂ वायुमंडल में उत्सर्जित होती है। ताप विद्युत संयंत्र, उद्योग और ऊर्जा उत्पादन इसके प्रमुख स्रोत हैं। कथन 2 — पेट्रोलियम चालित वाहनों की संख्या में वृद्धि: पेट्रोल और डीजल से चलने वाले वाहनों में ईंधन के दहन से CO₂ उत्सर्जित होती है। वाहनों की संख्या, ईंधन खपत तथा परिवहन गतिविधियों में वृद्धि से परिवहन क्षेत्र का ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन बढ़ सकता है।
कथन 3 — सौर-धधक (Solar Flares) में वृद्धि: सौर-धधक सूर्य की सतह के निकट चुंबकीय ऊर्जा के अचानक मुक्त होने से उत्पन्न तीव्र विकिरण घटनाएँ हैं। ये पृथ्वी के आयनमंडल (Ionosphere), रेडियो संचार तथा अंतरिक्ष मौसम (Space Weather) को प्रभावित कर सकती हैं। हालाँकि सौर विकिरण में दीर्घकालिक परिवर्तन प्राकृतिक जलवायु परिवर्तनशीलता को प्रभावित कर सकते हैं, लेकिन सौर-धधक की वृद्धि आधुनिक वैश्विक जलवायु परिवर्तन का प्रमुख कारण नहीं है। NASA के अनुसार 1950 के दशक के बाद पृथ्वी तक पहुँचने वाली सौर ऊर्जा में कोई निरंतर बढ़ती प्रवृत्ति नहीं देखी गई, जबकि वैश्विक तापमान में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
कथन 4 — अत्यधिक वनोन्मूलन (Deforestation): वन प्रकाश संश्लेषण के माध्यम से वायुमंडल से CO₂ अवशोषित करके कार्बन का भंडारण (Carbon Sequestration) करते हैं। बड़े पैमाने पर वनों की कटाई से कार्बन अवशोषण की क्षमता कम होती है और वृक्षों को जलाने या उनके अपघटन से संचित कार्बन पुनः वायुमंडल में मुक्त हो सकता है। भूमि उपयोग परिवर्तन (Land-use Change) के कारण भी ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन बढ़ता है। IPCC की छठी आकलन रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2019 में वैश्विक मानवजनित ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन का लगभग 22 प्रतिशत कृषि, वानिकी और अन्य भूमि उपयोग (AFOLU) क्षेत्र से संबंधित था।