Previous Year Question
हवा में तैरते हुए श्वसनीय सूक्ष्म कणों का आकार होता है :
7 माइक्रोन से अधिक
6 माइक्रोन से अधिक
5 माइक्रोन से अधिक
5 माइक्रोन से कम
Correct Answer: D
Detailed Solution
श्वसनीय निलंबित सूक्ष्म कण (Respirable Suspended Particulate Matter—RSPM) वायु में उपस्थित अत्यंत छोटे ठोस कणों और तरल बूंदों का मिश्रण हैं, जो श्वसन के दौरान फेफड़ों में प्रवेश कर सकते हैं। एक माइक्रोन, एक मीटर के दस लाखवें भाग (10⁻⁶ मीटर) के बराबर होता है। सूक्ष्म कणों का श्वसन तंत्र में प्रवेश और जमाव मुख्यतः उनके वायुगतिकीय व्यास (Aerodynamic Diameter) पर निर्भर करता है।
कणीय पदार्थ (Particulate Matter—PM) के प्रमुख स्रोतों में वाहनों का उत्सर्जन, औद्योगिक गतिविधियाँ, ताप विद्युत संयंत्र, कोयला और जैव ईंधन का दहन, निर्माण कार्य तथा सड़क की धूल शामिल हैं। कुछ कण सीधे वायुमंडल में उत्सर्जित होते हैं, जबकि अन्य सल्फर डाइऑक्साइड (SO₂) और नाइट्रोजन ऑक्साइड (NOₓ) जैसी गैसों की रासायनिक अभिक्रियाओं से बनते हैं। बड़े कण सामान्यतः नाक, गले और ऊपरी श्वसन मार्ग में अधिक मात्रा में जमा होते हैं, जबकि छोटे कण श्वसन तंत्र के गहरे भागों तक पहुँच सकते हैं।
वायु गुणवत्ता के आधुनिक वर्गीकरण में PM₁₀ ऐसे कणों को दर्शाता है जिनका वायुगतिकीय व्यास सामान्यतः 10 माइक्रोमीटर या उससे कम होता है, जबकि PM₂.₅ में 2.5 माइक्रोमीटर या उससे छोटे कण शामिल होते हैं। PM₂.₅ को सूक्ष्म कण (Fine Particles) कहा जाता है। ये फेफड़ों की गहराई तक पहुँच सकते हैं और इनमें से कुछ रक्त प्रवाह में भी प्रवेश कर सकते हैं। इसलिए 5 माइक्रोन की सीमा को सभी श्वसनीय कणों की सार्वभौमिक वैज्ञानिक परिभाषा नहीं समझना चाहिए; विभिन्न स्वास्थ्य और पर्यावरणीय मानकों में अलग-अलग आकार सीमाएँ प्रयुक्त होती हैं।
सूक्ष्म कण प्रदूषण (Fine Particulate Pollution) श्वसन और हृदय संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं का महत्वपूर्ण कारण है। लंबे समय तक इनके संपर्क में रहने से अस्थमा (Asthma), फेफड़ों की कार्यक्षमता में कमी, क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD), हृदय रोग और फेफड़ों के कैंसर का जोखिम बढ़ सकता है। बच्चे, वृद्ध व्यक्ति और पहले से श्वसन या हृदय रोग से प्रभावित लोग विशेष रूप से संवेदनशील होते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार PM₂.₅ और PM₁₀ दोनों स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण वायु प्रदूषक हैं, जिनकी सांद्रता को वायु गुणवत्ता निगरानी में मापा जाता है।