Previous Year Question
भारत में, निम्नलिखित में से कौन सा अधिनियम वन्य जीवों को संरक्षण प्रदान करता है ?
वन्य जीव संरक्षण अधिनियम – 1972
वन संरक्षण अधिनियम – 1982
पर्यावरण संरक्षण अधिनियम – 1996
पश्चिम बंगाल वन्य जीव संरक्षण अधिनियम – 1959
Correct Answer: A
Detailed Solution
वन्य जीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 [Wild Life (Protection) Act, 1972] भारत में वन्यजीवों के संरक्षण के लिए बनाया गया प्रमुख केंद्रीय कानून है। इसे 9 सितंबर 1972 को अधिनियमित किया गया था और यह अधिनियम संख्या 53, वर्ष 1972 है। इसका उद्देश्य जंगली पशुओं, पक्षियों और निर्दिष्ट पौधों का संरक्षण करना, अवैध शिकार (Poaching) को नियंत्रित करना तथा वन्यजीवों और उनसे प्राप्त उत्पादों के अवैध व्यापार को रोकना है। यह कानून देश की जैव विविधता (Biodiversity) और पारिस्थितिक संतुलन (Ecological Balance) को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
इस अधिनियम के अंतर्गत राष्ट्रीय उद्यान (National Parks) और वन्यजीव अभयारण्य (Wildlife Sanctuaries) जैसे संरक्षित क्षेत्रों की स्थापना तथा प्रबंधन के लिए कानूनी प्रावधान किए गए हैं। संरक्षित वन्यजीवों के शिकार पर सामान्यतः प्रतिबंध है, जबकि विशेष परिस्थितियों में कानून के अनुसार सीमित अनुमति दी जा सकती है। अधिनियम में वन्यजीवों, उनके अंगों और उनसे निर्मित वस्तुओं के व्यापार को नियंत्रित करने तथा उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई के प्रावधान भी हैं। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA), केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (CZA) और वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB) जैसी संस्थाओं के लिए भी इस कानून में प्रावधान हैं।
वन्य जीव संरक्षण अधिनियम में समय-समय पर संशोधन किए गए हैं। वन्य जीव (संरक्षण) संशोधन अधिनियम, 2022 के माध्यम से वन्यजीव संरक्षण तथा अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव व्यापार से संबंधित प्रावधानों में महत्वपूर्ण परिवर्तन किए गए। इसमें वन्य जीव-जंतुओं और वनस्पतियों की संकटग्रस्त प्रजातियों के अंतरराष्ट्रीय व्यापार संबंधी अभिसमय (CITES) को लागू करने के लिए विशेष प्रावधान जोड़े गए। संशोधन के बाद अधिनियम की अनुसूचियों (Schedules) को पुनर्गठित करके उनकी संख्या छह से घटाकर चार कर दी गई। इन अनुसूचियों के माध्यम से विभिन्न प्रजातियों के संरक्षण और अंतरराष्ट्रीय व्यापार संबंधी प्रावधान निर्धारित किए जाते हैं।
अन्य विकल्पों में वन (संरक्षण) अधिनियम, 1980 [Forest (Conservation) Act, 1980] का प्रमुख उद्देश्य वन भूमि को गैर-वन उपयोग में परिवर्तित करने पर कानूनी नियंत्रण रखना है। वर्ष 2023 में संशोधन के बाद इसका नाम वन (संरक्षण एवं संवर्धन) अधिनियम, 1980 किया गया। पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 [Environment (Protection) Act, 1986] पर्यावरण की सुरक्षा, सुधार और प्रदूषण नियंत्रण से संबंधित व्यापक कानून है। पश्चिम बंगाल वन्य जीव परिरक्षण अधिनियम, 1959 [West Bengal Wild Life Preservation Act, 1959] राज्य-स्तरीय कानून था, जिसका क्षेत्राधिकार पश्चिम बंगाल तक सीमित था। इसलिए राष्ट्रीय स्तर पर वन्यजीव संरक्षण का प्रमुख कानूनी आधार 1972 का केंद्रीय अधिनियम है।