Previous Year Question
निम्न में से कौन जललवणता प्रवणता को दर्शाता है ?
थर्मोक्लाइन
हेलोक्लाइन
पाइक्नोक्लाइन
केमोक्लाइन
Correct Answer: B
Detailed Solution
हेलोक्लाइन (Halocline) महासागरों, समुद्रों तथा अन्य जल निकायों में स्थित वह संक्रमण क्षेत्र (Transition Layer) है, जहाँ गहराई (Depth) के साथ जल की लवणता (Salinity) में तीव्र परिवर्तन होता है। लवणता जल में घुले लवणों की मात्रा को दर्शाती है, जिनमें सोडियम (Sodium) और क्लोराइड (Chloride) आयन प्रमुख होते हैं। समुद्री जल की औसत लवणता लगभग 35 PSU (Practical Salinity Units) होती है, जो लगभग 35 ग्राम लवण प्रति किलोग्राम समुद्री जल के बराबर है। जब जल की ऊपरी और निचली परतों के बीच लवणता में स्पष्ट अंतर होता है, तो उनके बीच हेलोक्लाइन विकसित हो सकता है।
हेलोक्लाइन का निर्माण मुख्यतः वाष्पीकरण (Evaporation), वर्षा (Precipitation), नदियों से मीठे जल की आपूर्ति (Freshwater Inflow) और समुद्री बर्फ के निर्माण एवं पिघलने जैसी प्रक्रियाओं से प्रभावित होता है। अधिक वर्षा और नदी जल के प्रवेश से सतही जल की लवणता घट सकती है, जबकि अधिक वाष्पीकरण से लवणता बढ़ सकती है। ध्रुवीय क्षेत्रों में समुद्री बर्फ के पिघलने से अपेक्षाकृत कम लवणता वाली सतही परत विकसित हो सकती है। इसके विपरीत, समुद्री बर्फ बनने के दौरान आसपास के जल में लवणों की सांद्रता बढ़ सकती है। इन प्रक्रियाओं के कारण विभिन्न गहराइयों पर लवणता का असमान वितरण उत्पन्न होता है।
महासागरीय जल की लवणता उसके घनत्व (Density) को प्रभावित करती है। सामान्यतः समान तापमान और दाब पर अधिक लवणता वाला जल अधिक घनत्व रखता है। यदि कम लवणता और कम घनत्व वाला जल अधिक घनत्व वाले जल के ऊपर स्थित हो, तो जल की परतों के बीच स्थिर स्तरीकरण (Stable Stratification) विकसित हो सकता है। ऐसी परिस्थितियों में ऊर्ध्वाधर मिश्रण (Vertical Mixing) सीमित हो सकता है, जिससे ऑक्सीजन, पोषक तत्त्वों और ऊष्मा का विभिन्न गहराइयों के बीच वितरण प्रभावित होता है। तापमान और लवणता के संयुक्त प्रभाव से उत्पन्न घनत्व अंतर ताप-लवणीय परिसंचरण (Thermohaline Circulation) को संचालित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
समुद्र विज्ञान (Oceanography) में जल के ऊर्ध्वाधर गुणों में तीव्र परिवर्तन दर्शाने के लिए विभिन्न शब्दों का उपयोग किया जाता है। थर्मोक्लाइन (Thermocline) वह क्षेत्र है जहाँ गहराई के साथ तापमान (Temperature) में तीव्र परिवर्तन होता है, जबकि पाइक्नोक्लाइन (Pycnocline) में जल के घनत्व में तीव्र परिवर्तन होता है। केमोक्लाइन (Chemocline) जल की विभिन्न परतों के बीच रासायनिक संघटन (Chemical Composition) में स्पष्ट परिवर्तन को दर्शाता है, जैसे घुलित ऑक्सीजन या सल्फाइड की सांद्रता में अंतर। थर्मोक्लाइन, हेलोक्लाइन और पाइक्नोक्लाइन एक ही गहराई पर उपस्थित हो सकते हैं, लेकिन इनका आधार क्रमशः तापमान, लवणता और घनत्व में परिवर्तन है।