Previous Year Question
निम्न में से कौन पारिस्थितिक तंत्र के विषय में सही नहीं है ?
यह अजैविक एवं जैविक दोनों संघटकों से युक्त होता है।
इसकी अपनी स्वयं की उत्पादकता होती है।
यह एक बन्द तंत्र होता है।
यह प्राकृतिक संसाधन तंत्र होता है।
Correct Answer: C
Detailed Solution
पारिस्थितिक तंत्र (Ecosystem) प्रकृति की एक संरचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाई (Structural and Functional Unit) है, जिसमें जीवित जीवों और उनके भौतिक पर्यावरण के बीच निरंतर पारस्परिक क्रियाएँ होती हैं। यह सामान्यतः एक खुला तंत्र (Open System) होता है, क्योंकि इसके और बाहरी पर्यावरण के बीच ऊर्जा (Energy) तथा पदार्थों (Matter) का आदान-प्रदान होता रहता है। सूर्य से प्राप्त ऊर्जा पारिस्थितिक तंत्र में प्रवेश करती है, जबकि श्वसन और अन्य जैविक प्रक्रियाओं से उत्पन्न ऊष्मा पर्यावरण में मुक्त होती है। इसी प्रकार जल, गैसों, पोषक तत्त्वों और जीवों का आवागमन भी विभिन्न पारिस्थितिक तंत्रों के बीच होता है।
पारिस्थितिक तंत्र में जैविक घटक (Biotic Components) और अजैविक घटक (Abiotic Components) दोनों उपस्थित होते हैं। जैविक घटकों में उत्पादक (Producers), उपभोक्ता (Consumers) और अपघटक (Decomposers) शामिल हैं। हरे पौधे और शैवाल प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) द्वारा कार्बनिक भोजन तैयार करते हैं, जबकि शाकाहारी तथा मांसाहारी जीव उपभोक्ता के रूप में ऊर्जा प्राप्त करते हैं। जीवाणु और कवक जैसे अपघटक मृत जैविक पदार्थों का विघटन करके पोषक तत्त्वों को पर्यावरण में वापस पहुँचाते हैं। अजैविक घटकों में सूर्य का प्रकाश, तापमान, जल, वायु, मिट्टी और खनिज शामिल हैं, जो जीवों की वृद्धि तथा वितरण को प्रभावित करते हैं।
प्रत्येक पारिस्थितिक तंत्र की अपनी उत्पादकता (Productivity) होती है, जो एक निश्चित समय में प्रति इकाई क्षेत्र या आयतन में उत्पन्न जैवभार (Biomass) अथवा संचित ऊर्जा की दर को दर्शाती है। उत्पादकों द्वारा प्रकाश संश्लेषण से निर्मित कुल कार्बनिक पदार्थ को सकल प्राथमिक उत्पादकता (Gross Primary Productivity—GPP) कहते हैं। उत्पादकों के श्वसन में खर्च हुई ऊर्जा को घटाने के बाद शेष उत्पादकता शुद्ध प्राथमिक उत्पादकता (Net Primary Productivity—NPP) कहलाती है। इसके अतिरिक्त उपभोक्ताओं द्वारा नए जैवभार के निर्माण की दर को द्वितीयक उत्पादकता (Secondary Productivity) कहा जाता है। उत्पादकता की मात्रा सूर्य के प्रकाश, जल, तापमान, पोषक तत्त्वों तथा अन्य पर्यावरणीय परिस्थितियों पर निर्भर करती है।
पारिस्थितिक तंत्र प्राकृतिक संसाधनों और पारिस्थितिक सेवाओं (Ecosystem Services) का महत्वपूर्ण आधार है। वन, घासभूमियाँ, नदियाँ, झीलें और महासागर प्राकृतिक पारिस्थितिक तंत्रों के उदाहरण हैं, जबकि कृषि क्षेत्र तथा मानव निर्मित जलजीवशालाएँ (Aquariums) कृत्रिम पारिस्थितिक तंत्र हो सकते हैं। ये तंत्र भोजन, जल, लकड़ी, पोषक चक्रण (Nutrient Cycling), मृदा निर्माण और जलवायु विनियमन जैसी सेवाएँ प्रदान करते हैं। ऊष्मागतिकी (Thermodynamics) के अनुसार, बन्द तंत्र (Closed System) अपने परिवेश से ऊर्जा का आदान-प्रदान कर सकता है, लेकिन पदार्थ का नहीं; इसके विपरीत खुला तंत्र ऊर्जा और पदार्थ दोनों का आदान-प्रदान करता है। प्राकृतिक पारिस्थितिक तंत्रों में इन दोनों का निरंतर आदान-प्रदान उनकी कार्यप्रणाली का आधार है।