Previous Year Question
सिगरेट के धुएं में मुख्य प्रदूषक है
कार्बन मोनोऑक्साइड व डाइऑक्सीसिन
कार्बन मोनोऑक्साइड व निकोटीन
कार्बन मोनोऑक्साइड व बेन्जीन
डाइऑक्सीसिन व बेन्जीन
Correct Answer: C
Detailed Solution
सिगरेट का धुआँ (Cigarette Smoke) विभिन्न विषैली गैसों, सूक्ष्म कणों और कार्बनिक रसायनों का जटिल मिश्रण है, जिसमें कार्बन मोनोऑक्साइड (Carbon Monoxide—CO) और बेन्जीन (Benzene—C₆H₆) महत्वपूर्ण हानिकारक प्रदूषक हैं। तम्बाकू के दहन (Tobacco Combustion) के दौरान 7,000 से अधिक रासायनिक पदार्थों की पहचान की गई है, जिनमें सैकड़ों स्वास्थ्य के लिए हानिकारक तथा अनेक कैंसरकारी (Carcinogenic) होते हैं। सिगरेट का धुआँ केवल धूम्रपान करने वाले व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि उसके आसपास उपस्थित व्यक्तियों को भी प्रभावित करता है। दूसरों के धुएँ के संपर्क में आने की स्थिति को निष्क्रिय धूम्रपान (Passive Smoking) अथवा द्वितीयक धूम्रपान (Second-hand Smoking) कहा जाता है।
कार्बन मोनोऑक्साइड (Carbon Monoxide—CO) एक रंगहीन, गंधहीन और विषैली गैस है, जो सिगरेट में तम्बाकू तथा अन्य कार्बनिक पदार्थों के अपूर्ण दहन (Incomplete Combustion) से उत्पन्न होती है। श्वसन के माध्यम से शरीर में प्रवेश करने पर यह रक्त के हीमोग्लोबिन (Haemoglobin) के साथ जुड़कर कार्बोक्सीहीमोग्लोबिन (Carboxyhaemoglobin—COHb) बनाती है। हीमोग्लोबिन के प्रति कार्बन मोनोऑक्साइड की बंधन क्षमता ऑक्सीजन की तुलना में लगभग 200–250 गुना अधिक होती है। इसके कारण रक्त की ऑक्सीजन परिवहन क्षमता कम हो जाती है और हृदय, मस्तिष्क तथा अन्य अंगों को पर्याप्त ऑक्सीजन मिलने में बाधा उत्पन्न होती है। लंबे समय तक धूम्रपान करने से हृदय एवं रक्तवाहिका संबंधी रोगों (Cardiovascular Diseases) का जोखिम बढ़ सकता है।
बेन्जीन (Benzene—C₆H₆) एक वाष्पशील कार्बनिक यौगिक (Volatile Organic Compound—VOC) और ज्ञात मानव कैंसरकारी पदार्थ (Human Carcinogen) है। यह पेट्रोलियम उत्पादों, वाहनों के उत्सर्जन, औद्योगिक प्रक्रियाओं तथा तम्बाकू के दहन से उत्पन्न हो सकता है। सिगरेट के धुएँ में उपस्थित बेन्जीन श्वसन के माध्यम से शरीर में प्रवेश करके अस्थि मज्जा (Bone Marrow) की रक्त कोशिकाएँ बनाने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है। लंबे समय तक बेन्जीन के संपर्क में रहने से रक्ताल्पता (Anaemia), श्वेत रक्त कोशिकाओं की संख्या में कमी तथा ल्यूकेमिया (Leukaemia) जैसे रक्त कैंसर का जोखिम बढ़ता है। विशेष रूप से तीव्र माइलॉयड ल्यूकेमिया (Acute Myeloid Leukaemia—AML) का संबंध बेन्जीन के दीर्घकालिक संपर्क से स्थापित किया गया है।
सिगरेट के धुएँ में निकोटीन (Nicotine), फॉर्मेल्डिहाइड (Formaldehyde), हाइड्रोजन सायनाइड (Hydrogen Cyanide), अमोनिया (Ammonia) और विभिन्न सूक्ष्म कण (Particulate Matter) भी उपस्थित होते हैं। निकोटीन तम्बाकू में प्राकृतिक रूप से पाया जाने वाला एक व्यसनकारी एल्कलॉइड (Addictive Alkaloid) है, जो मस्तिष्क के निकोटिनिक एसिटाइलकोलीन रिसेप्टर्स (Nicotinic Acetylcholine Receptors) को सक्रिय करके डोपामीन (Dopamine) के स्राव को प्रभावित करता है और निर्भरता उत्पन्न करता है। निकोटीन की प्रमुख भूमिका व्यसन उत्पन्न करना है, जबकि कार्बन मोनोऑक्साइड ऑक्सीजन परिवहन को बाधित करती है और बेन्जीन कैंसरकारी प्रभाव उत्पन्न करता है। तम्बाकू के धुएँ में इन पदार्थों की उपस्थिति प्रत्यक्ष धूम्रपान और निष्क्रिय धूम्रपान, दोनों से संबंधित स्वास्थ्य जोखिमों को बढ़ाती है।