JAGTIV · Previous Year Questions

UPPSC

ENVIRONMENT · 2014

Previous Year Question

निम्नलिखित में से कौन एक किसी प्रजाति के विलोपन के लिए उत्तरदायी नहीं है ?

A.

व्यापक निच (कर्मता)

B.

बड़े आकार वाला शरीर

C.

संकुचित निच (कर्मता)

D.

आनुवंशिक भिन्नता की कमी

Correct Answer: A

Detailed Solution

पारिस्थितिकीय निच (Ecological Niche) किसी प्रजाति की पारिस्थितिक तंत्र (Ecosystem) में भूमिका, संसाधनों के उपयोग, पर्यावरणीय आवश्यकताओं तथा अन्य जीवों के साथ उसके पारस्परिक संबंधों को दर्शाता है। व्यापक निच (Broad Niche) वाली प्रजातियाँ विभिन्न प्रकार के भोजन, आवास और पर्यावरणीय परिस्थितियों का उपयोग कर सकती हैं। ऐसी प्रजातियों को सामान्यवादी प्रजातियाँ (Generalist Species) कहा जाता है। विभिन्न परिस्थितियों के प्रति अनुकूलन की क्षमता (Adaptability) अधिक होने के कारण ये प्रजातियाँ पर्यावरणीय परिवर्तनों के दौरान वैकल्पिक संसाधनों का उपयोग कर सकती हैं, जिससे सामान्यतः उनके विलुप्त होने का जोखिम कम होता है।

संकुचित निच (Narrow Niche) वाली प्रजातियाँ सीमित संसाधनों, विशिष्ट आवासों या विशेष पर्यावरणीय परिस्थितियों पर निर्भर रहती हैं। इन्हें विशेषज्ञ प्रजातियाँ (Specialist Species) कहा जाता है। उदाहरण के लिए, विशाल पांडा (Giant Panda) का प्राकृतिक आहार मुख्यतः बाँस पर निर्भर करता है। ऐसी प्रजातियों में आवश्यक भोजन या आवास की उपलब्धता घटने पर जनसंख्या प्रभावित हो सकती है। संकुचित निच, सीमित भौगोलिक वितरण (Restricted Geographic Range) तथा आवास विखंडन (Habitat Fragmentation) के संयुक्त प्रभाव से विलुप्ति का जोखिम बढ़ सकता है। व्यापक निच वाली प्रजातियों में संसाधनों के उपयोग की विविधता इस जोखिम को सामान्यतः कम करने में सहायक होती है।

बड़े शरीर का आकार (Large Body Size) भी अनेक प्रजातियों में विलुप्ति के जोखिम से संबंधित महत्वपूर्ण जैविक विशेषता है। बड़े आकार वाले स्तनधारियों और पक्षियों को सामान्यतः अधिक भोजन, विस्तृत प्राकृतिक आवास तथा बड़े विचरण क्षेत्र (Home Range) की आवश्यकता होती है। इनमें प्रजनन दर (Reproductive Rate) अपेक्षाकृत कम, लैंगिक परिपक्वता (Sexual Maturity) प्राप्त करने की अवधि लंबी तथा संतानों की संख्या सीमित हो सकती है। हाथी (Elephants), गैंडे (Rhinoceroses) और बड़े मांसाहारी स्तनधारी इसके उदाहरण हैं। आवासों के विनाश, शिकार और मानवीय हस्तक्षेप से इनकी जनसंख्या प्रभावित हो सकती है। हालाँकि शरीर का आकार अकेले विलुप्ति निर्धारित नहीं करता; छोटे आकार वाली कुछ प्रजातियाँ भी अत्यधिक संकटग्रस्त हो सकती हैं।

आनुवंशिक भिन्नता की कमी (Lack of Genetic Variability) किसी प्रजाति की बदलते पर्यावरण के अनुसार अनुकूलन करने की क्षमता को सीमित कर सकती है। आनुवंशिक विविधता (Genetic Diversity) किसी जनसंख्या में विभिन्न जीनों और उनके विकल्पों (Alleles) की उपस्थिति को दर्शाती है। छोटी और पृथक जनसंख्याओं में आनुवंशिक अपवाह (Genetic Drift) तथा अंतःप्रजनन (Inbreeding) के कारण आनुवंशिक विविधता घट सकती है। इससे हानिकारक आनुवंशिक लक्षणों की अभिव्यक्ति, प्रजनन क्षमता में कमी तथा रोगों और जलवायु परिवर्तन के प्रति संवेदनशीलता बढ़ सकती है। व्यापक निच, आनुवंशिक विविधता और पर्याप्त जनसंख्या आकार प्रजातियों की दीर्घकालिक उत्तरजीविता (Long-term Survival) को समर्थन देते हैं, जबकि संकुचित निच, कम आनुवंशिक विविधता और कुछ बड़ी शारीरिक प्रजातियों की जैविक विशेषताएँ विलुप्ति के जोखिम को बढ़ा सकती हैं।

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