Previous Year Question
निम्नलिखित में से कौन एक द्वितीयक प्रदूषक नहीं है ?
पी. ए. एन.
स्मॉग
सल्फर डाइ-ऑक्साइड
ओज़ोन
Correct Answer: C
Detailed Solution
सल्फर डाइऑक्साइड (Sulfur Dioxide—SO₂) एक प्राथमिक वायु प्रदूषक (Primary Air Pollutant) है, क्योंकि इसका उत्सर्जन मुख्यतः प्रदूषण स्रोतों से सीधे वायुमंडल में होता है। प्राथमिक प्रदूषक वे पदार्थ हैं, जो औद्योगिक गतिविधियों, वाहनों, ईंधन दहन या प्राकृतिक प्रक्रियाओं द्वारा सीधे वायुमंडल में छोड़े जाते हैं। इसके विपरीत, द्वितीयक प्रदूषक (Secondary Pollutants) प्राथमिक प्रदूषकों की वायुमंडलीय घटकों के साथ रासायनिक अथवा प्रकाश-रासायनिक अभिक्रियाओं (Photochemical Reactions) के परिणामस्वरूप बनते हैं।
सल्फर डाइऑक्साइड का प्रमुख स्रोत कोयला और पेट्रोलियम जैसे सल्फर युक्त जीवाश्म ईंधनों का दहन है। इसके अतिरिक्त ताप विद्युत संयंत्रों (Thermal Power Plants), धातु प्रगलन (Metal Smelting), औद्योगिक प्रक्रियाओं और ज्वालामुखीय गतिविधियों से भी इसका उत्सर्जन होता है। वायुमंडल में SO₂ का ऑक्सीकरण होकर सल्फेट एयरोसोल (Sulfate Aerosols) तथा सल्फ्यूरिक अम्ल (Sulfuric Acid—H₂SO₄) बन सकते हैं, जो द्वितीयक प्रदूषकों के उदाहरण हैं। सल्फर डाइऑक्साइड श्वसन तंत्र में जलन, श्वसन संबंधी समस्याओं तथा अम्ल वर्षा (Acid Rain) के निर्माण में योगदान देता है।
पी.ए.एन. (Peroxyacetyl Nitrate—PAN) एक द्वितीयक प्रकाश-रासायनिक प्रदूषक है, जिसका रासायनिक सूत्र CH₃C(O)OONO₂ है। यह नाइट्रोजन ऑक्साइड (Nitrogen Oxides—NOₓ) तथा वाष्पशील कार्बनिक यौगिकों (Volatile Organic Compounds—VOCs) की सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में होने वाली अभिक्रियाओं से बनता है। PAN प्रकाश-रासायनिक स्मॉग (Photochemical Smog) का महत्वपूर्ण घटक है और आँखों में जलन तथा पौधों की पत्तियों को क्षति पहुँचा सकता है। स्मॉग (Smog) धुएँ, सूक्ष्म कणों और गैसीय प्रदूषकों का मिश्रण है। विशेष रूप से प्रकाश-रासायनिक स्मॉग में ओजोन, PAN तथा अन्य द्वितीयक प्रदूषक पाए जाते हैं, जो मुख्यतः वाहनों और औद्योगिक उत्सर्जन से निकले प्राथमिक प्रदूषकों की अभिक्रियाओं से बनते हैं।
ओजोन (Ozone—O₃) जब क्षोभमंडल (Troposphere) में पृथ्वी की सतह के निकट बनती है, तो इसे द्वितीयक वायु प्रदूषक माना जाता है। इसका निर्माण मुख्यतः NOₓ और VOCs की सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में होने वाली अभिक्रियाओं से होता है। यह श्वसन तंत्र को प्रभावित कर सकती है तथा वनस्पतियों और कृषि फसलों को नुकसान पहुँचा सकती है।