JAGTIV · Previous Year Questions

UPPSC

ENVIRONMENT · 2014

Previous Year Question

पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने के लिए वनांतर्गत क्षेत्रफल होना चाहिए-

A.

10%

B.

23%

C.

33%

D.

53%

Correct Answer: C

Detailed Solution

पर्यावरणीय संतुलन (Environmental Balance) बनाए रखने के लिए भारत की राष्ट्रीय वन नीति (National Forest Policy) के अनुसार देश के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का कम से कम एक-तिहाई अर्थात लगभग 33 प्रतिशत भाग वन अथवा वृक्ष आवरण (Forest or Tree Cover) के अंतर्गत होना चाहिए। यह लक्ष्य प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र (Natural Ecosystems) की स्थिरता, जैव विविधता संरक्षण (Biodiversity Conservation), मृदा एवं जल संरक्षण तथा वायुमंडलीय संतुलन बनाए रखने के उद्देश्य से निर्धारित किया गया है। वन कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) का अवशोषण करके कार्बन भंडारण (Carbon Storage) में योगदान देते हैं तथा अनेक जीव-जंतुओं को प्राकृतिक आवास प्रदान करते हैं।

भारत सरकार ने राष्ट्रीय वन नीति, 1952 (National Forest Policy, 1952) में देश के एक-तिहाई भूभाग को वनों के अंतर्गत रखने की आवश्यकता पर बल दिया था। इसके बाद राष्ट्रीय वन नीति, 1988 (National Forest Policy, 1988) ने पर्यावरणीय स्थिरता और पारिस्थितिक संतुलन को वन प्रबंधन का प्रमुख उद्देश्य बनाया। इस नीति के अनुच्छेद 4.1 के अनुसार, देश के कुल भू-क्षेत्र का कम से कम एक-तिहाई भाग वन या वृक्ष आवरण के अंतर्गत होना चाहिए। इसके अतिरिक्त पहाड़ी और पर्वतीय क्षेत्रों में लगभग दो-तिहाई अर्थात 66.7 प्रतिशत क्षेत्र वन अथवा वृक्ष आवरण के अंतर्गत बनाए रखने का लक्ष्य निर्धारित किया गया, ताकि मृदा अपरदन (Soil Erosion), भूमि क्षरण (Land Degradation) और पारिस्थितिक अस्थिरता को कम किया जा सके।

वनों की पारिस्थितिकीय उपयोगिता अनेक प्राकृतिक प्रक्रियाओं से संबंधित है। वृक्ष प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) द्वारा वायुमंडलीय कार्बन डाइऑक्साइड का अवशोषण करते हैं और अपने जैवभार (Biomass) तथा मिट्टी में कार्बन संचित करते हैं। वन वर्षा जल के अवशोषण और भूमि में उसके प्रवेश (Infiltration) में सहायता करते हैं तथा सतही अपवाह (Surface Runoff) और मृदा अपरदन को कम कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त वाष्पोत्सर्जन (Evapotranspiration) के माध्यम से जल चक्र (Water Cycle) और स्थानीय जलवायु प्रभावित होती है। प्राकृतिक वन परागण (Pollination), पोषक चक्रण (Nutrient Cycling) और विभिन्न प्रजातियों के आवास संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

भारत में वन एवं वृक्ष आवरण का आकलन भारतीय वन सर्वेक्षण (Forest Survey of India—FSI) द्वारा प्रकाशित भारत वन स्थिति रिपोर्ट (India State of Forest Report—ISFR) के माध्यम से किया जाता है। वन आवरण (Forest Cover) और वृक्ष आवरण (Tree Cover) अलग-अलग सांख्यिकीय श्रेणियाँ हैं, जिनका संयुक्त उपयोग देश के कुल हरित आवरण के आकलन में किया जाता है। राष्ट्रीय वन नीति का 33 प्रतिशत लक्ष्य एक नीतिगत राष्ट्रीय लक्ष्य (National Policy Target) है, न कि प्रत्येक पारिस्थितिकी तंत्र के लिए वैज्ञानिक रूप से अनिवार्य समान सीमा। मरुस्थलीय, घासभूमि और आर्द्रभूमि पारिस्थितिकी तंत्रों का संरक्षण भी आवश्यक है।

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