JAGTIV · Previous Year Questions

UPPSC

ENVIRONMENT · 2013

Previous Year Question

अम्ल वर्षा, निम्नांकित द्वारा वायु प्रदूषण के कारण होती है :

A.

कार्बन डाइऑक्साइड

B.

कार्बन मोनोक्साइड

C.

मेथैन

D.

नाइट्रस ऑक्साइड एवं सल्फर डाइऑक्साइड

Correct Answer: D

Detailed Solution

अम्ल वर्षा (Acid Rain) वायुमंडलीय प्रदूषण के कारण होने वाली ऐसी वर्षा है, जिसमें सल्फ्यूरिक अम्ल (Sulfuric Acid—H₂SO₄) और नाइट्रिक अम्ल (Nitric Acid—HNO₃) की उपस्थिति से जल की अम्लीयता बढ़ जाती है। सामान्य वर्षा जल का pH लगभग 5.6 होता है, क्योंकि वायुमंडलीय कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) जल में घुलकर कमजोर कार्बोनिक अम्ल (Carbonic Acid—H₂CO₃) बनाती है। जब वर्षा जल का pH सामान्य प्राकृतिक स्तर से अधिक घट जाता है, तो उसे अम्ल वर्षा कहा जाता है। अम्ल वर्षा के प्रमुख रासायनिक पूर्ववर्ती प्रदूषक सल्फर डाइऑक्साइड (SO₂) और नाइट्रोजन के ऑक्साइड (NOₓ) हैं।

सल्फर डाइऑक्साइड (Sulfur Dioxide—SO₂) का उत्सर्जन मुख्यतः कोयले और पेट्रोलियम जैसे सल्फर युक्त जीवाश्म ईंधनों के दहन, ताप विद्युत संयंत्रों तथा धातु प्रगलन (Metal Smelting) से होता है। वायुमंडल में SO₂ ऑक्सीकरण (Oxidation) और अन्य रासायनिक अभिक्रियाओं के माध्यम से सल्फ्यूरिक अम्ल (H₂SO₄) के निर्माण में योगदान देता है। इसी प्रकार नाइट्रोजन ऑक्साइड (Nitrogen Oxides—NOₓ), जिनमें मुख्यतः नाइट्रिक ऑक्साइड (NO) और नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (NO₂) शामिल हैं, वाहनों, औद्योगिक संयंत्रों और उच्च तापमान पर होने वाले ईंधन दहन से उत्सर्जित होते हैं। वायुमंडलीय अभिक्रियाओं द्वारा ये नाइट्रिक अम्ल (HNO₃) का निर्माण कर सकते हैं। ये अम्ल वर्षा, हिमपात और कोहरे के माध्यम से पृथ्वी की सतह तक पहुँचते हैं, जिसे आर्द्र निक्षेपण (Wet Deposition) कहा जाता है।

नाइट्रस ऑक्साइड (Nitrous Oxide—N₂O) और नाइट्रोजन ऑक्साइड (NOₓ) के बीच वैज्ञानिक अंतर महत्वपूर्ण है। N₂O एक शक्तिशाली हरित गृह गैस (Greenhouse Gas) है, जो मुख्यतः कृषि गतिविधियों और मिट्टी की सूक्ष्मजीवी प्रक्रियाओं से उत्सर्जित होती है। इसके विपरीत, NO और NO₂ अम्ल वर्षा के निर्माण में प्रत्यक्ष रूप से महत्वपूर्ण नाइट्रोजन ऑक्साइड हैं।

अम्ल वर्षा का प्रभाव मृदा (Soil), वनस्पतियों (Vegetation), जलीय पारिस्थितिकी तंत्र (Aquatic Ecosystems) तथा ऐतिहासिक स्मारकों पर पड़ता है। यह मिट्टी से कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे आवश्यक पोषक तत्त्वों के निक्षालन (Leaching) को बढ़ा सकती है तथा एल्युमिनियम की घुलनशीलता बढ़ाकर पौधों और जलीय जीवों को नुकसान पहुँचा सकती है। सल्फ्यूरिक और नाइट्रिक अम्ल चूना पत्थर तथा संगमरमर में उपस्थित कैल्शियम कार्बोनेट (CaCO₃) के साथ अभिक्रिया करके पत्थर के क्षरण को बढ़ा सकते हैं। अन्य विकल्पों में कार्बन डाइऑक्साइड सामान्य वर्षा की हल्की अम्लीयता में योगदान देती है, जबकि कार्बन मोनोक्साइड (CO) और मिथेन (CH₄) अम्ल वर्षा के प्रमुख प्रत्यक्ष पूर्ववर्ती प्रदूषक नहीं हैं। अम्ल वर्षा को नियंत्रित करने के लिए SO₂ और NOₓ उत्सर्जन में कमी करना आवश्यक है।

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