Previous Year Question
जलवायु परिवर्तन का कारण है
ग्रीन हाउस गैसें
ओजोन पर्त का क्षरण
प्रदूषण
उपर्युक्त सभी
Correct Answer: D
Detailed Solution
जलवायु परिवर्तन (Climate Change) का अर्थ पृथ्वी के तापमान, वर्षा, वायुमंडलीय परिसंचरण (Atmospheric Circulation) तथा अन्य जलवायवीय परिस्थितियों में दीर्घकालिक परिवर्तन से है। इसके प्रमुख कारणों में हरित गृह गैसों (Greenhouse Gases) की बढ़ती सांद्रता, वायुमंडलीय प्रदूषण (Atmospheric Pollution) तथा ओजोन परत में परिवर्तन से संबंधित प्रक्रियाएँ शामिल हैं। औद्योगीकरण, जीवाश्म ईंधनों के दहन, वनों की कटाई और कृषि गतिविधियों ने जलवायु को प्रभावित करने वाले पदार्थों के उत्सर्जन में वृद्धि की है। वर्तमान वैश्विक तापन (Global Warming) का प्रमुख कारण मानवीय गतिविधियों से उत्पन्न हरित गृह गैसों की बढ़ती मात्रा है।
हरित गृह गैसें (Greenhouse Gases) जलवायु परिवर्तन के प्रमुख कारकों में शामिल हैं। कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂), मिथेन (CH₄), नाइट्रस ऑक्साइड (N₂O) तथा फ्लोरीनयुक्त गैसें पृथ्वी से उत्सर्जित अवरक्त विकिरण (Infrared Radiation) को अवशोषित करके हरित गृह प्रभाव (Greenhouse Effect) को बढ़ाती हैं। इससे पृथ्वी की सतह और निचले वायुमंडल का तापमान बढ़ता है। जीवाश्म ईंधनों का दहन CO₂ उत्सर्जन का प्रमुख मानवीय स्रोत है, जबकि पशुपालन, धान की खेती तथा जीवाश्म ईंधनों के उत्पादन से मिथेन उत्सर्जित होती है। कृषि मिट्टी और नाइट्रोजनयुक्त उर्वरकों से N₂O का उत्सर्जन भी जलवायु परिवर्तन में योगदान देता है।
ओजोन परत का क्षरण (Ozone Layer Depletion) भी वायुमंडलीय तापमान और परिसंचरण को प्रभावित कर सकता है। समतापमंडल (Stratosphere) में उपस्थित ओजोन सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी किरणों (Ultraviolet Radiation) को अवशोषित करती है। क्लोरोफ्लुओरोकार्बन (CFCs) और हैलॉन्स (Halons) जैसे पदार्थों से मुक्त क्लोरीन तथा ब्रोमीन ओजोन के विघटन का कारण बनते हैं। ओजोन की मात्रा घटने से समतापमंडल में शीतलन (Stratospheric Cooling) और वायुमंडलीय परिसंचरण में परिवर्तन हो सकते हैं। हालाँकि, वैज्ञानिक दृष्टि से ओजोन परत का क्षरण वैश्विक तापन का प्रमुख कारण नहीं है; इसका प्रत्यक्ष जलवायवीय प्रभाव हरित गृह गैसों की तुलना में बहुत कम है।
वायुमंडलीय प्रदूषण (Atmospheric Pollution) भी विभिन्न प्रक्रियाओं द्वारा जलवायु को प्रभावित करता है। उदाहरण के लिए, ब्लैक कार्बन (Black Carbon) सौर विकिरण को अवशोषित करके तापवृद्धि में योगदान देता है, जबकि सल्फेट एयरोसोल (Sulfate Aerosols) सूर्य के प्रकाश को परावर्तित करके शीतलन प्रभाव उत्पन्न कर सकते हैं। कुछ प्रदूषक वायुमंडल में ओजोन निर्माण तथा बादलों के गुणों को भी प्रभावित करते हैं। जलवायु परिवर्तन के परिणामस्वरूप हिमनदों का पिघलना, समुद्र-स्तर में वृद्धि, वर्षा के प्रतिरूपों में बदलाव और चरम मौसमी घटनाओं की तीव्रता में परिवर्तन हो सकते हैं।