Previous Year Question
कथन (A) : मरुस्थल शाश्वत ऊर्जा उत्पादन के प्रभावकारी स्रोत हो सकते हैं।
कारण (R) : जितनी ऊर्जा मानव जाति एक वर्ष में उपभोग करती है, उससे अधिक ऊर्जा मरुस्थल छह घंटों में सूर्य से प्राप्त कर लेते हैं।
नीचे दिये गए कूट से सही उत्तर चुनिये :
(A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
(A) और (R) दोनों सही हैं, परन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
(A) सही हैं, परन्तु (R) गलत है।
(A) गलत हैं, परन्तु (R) सही है।
Correct Answer: A
Detailed Solution
कथन (A) सही है। मरुस्थल (Deserts) सौर ऊर्जा (Solar Energy) के माध्यम से धारणीय ऊर्जा उत्पादन (Sustainable Energy Generation) के महत्वपूर्ण संभावित स्रोत हैं। मरुस्थलीय क्षेत्रों में सामान्यतः कम बादल, तीव्र सौर विकिरण (Solar Radiation) और व्यापक खुली भूमि उपलब्ध होती है, जिससे बड़े पैमाने पर सौर विद्युत संयंत्र स्थापित करने की संभावना बढ़ जाती है। सौर ऊर्जा एक नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत (Renewable Energy Source) है, जिसका उपयोग जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता और ऊर्जा उत्पादन से होने वाले कार्बन उत्सर्जन को कम करने में किया जा सकता है।
कारण (R) भी सही है। DESERTEC अवधारणा से संबंधित ऐतिहासिक आकलन के अनुसार, विश्व के मरुस्थलों को मात्र छह घंटों में सूर्य से इतनी ऊर्जा प्राप्त होती है, जो मानव जाति की एक वर्ष की कुल ऊर्जा खपत से अधिक है। इस विचार को जर्मन भौतिक विज्ञानी गेर्हार्ड कनीस (Gerhard Knies) ने लोकप्रिय बनाया था। जर्मन एयरोस्पेस सेंटर (German Aerospace Center—DLR) के आकलन के अनुसार, सहारा मरुस्थल में प्रतिवर्ष लगभग 2,200–2,800 किलोवाट-घंटा प्रति वर्ग मीटर सौर ऊर्जा प्राप्त होती है। यह मरुस्थलीय क्षेत्रों की विशाल सौर ऊर्जा क्षमता को दर्शाता है। हालाँकि छह घंटे वाला अनुमान प्राप्त सौर विकिरण से संबंधित है, न कि उस पूरी ऊर्जा को तत्काल उपयोगी विद्युत में बदल पाने से।
मरुस्थलों में सौर ऊर्जा का उपयोग मुख्यतः दो तकनीकों द्वारा किया जा सकता है। फोटोवोल्टाइक प्रणाली (Solar Photovoltaic—PV) में सौर सेल सूर्य के प्रकाश को सीधे विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करते हैं। दूसरी तकनीक संकेंद्रित सौर तापीय ऊर्जा (Concentrated Solar Power—CSP) है, जिसमें दर्पणों द्वारा सूर्य के प्रकाश को एक स्थान पर केंद्रित करके ऊष्मा उत्पन्न की जाती है और उससे टर्बाइन चलाकर विद्युत उत्पादन किया जाता है। CSP संयंत्रों में तापीय ऊर्जा भंडारण (Thermal Energy Storage) की व्यवस्था होने पर सूर्यास्त के बाद भी कुछ समय तक विद्युत उत्पादन संभव हो सकता है।
मरुस्थलों की विशाल सौर ऊर्जा क्षमता के उपयोग के लिए DESERTEC परियोजना की अवधारणा विकसित की गई थी, जिसका उद्देश्य उत्तरी अफ्रीका और मध्य पूर्व के मरुस्थलीय क्षेत्रों से नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन की संभावनाओं का उपयोग करना था। हालाँकि धूल, अत्यधिक तापमान, जल की सीमित उपलब्धता, ऊर्जा भंडारण और लंबी दूरी तक विद्युत संचरण जैसी चुनौतियाँ भी मौजूद हैं।