Previous Year Question
भूमिगत जल को दूषित करने वाले अजैविक प्रदूषक हैं
बैक्टीरिया
शैवाल
आर्सेनिक
विषाणु
Correct Answer: C
Detailed Solution
भूमिगत जल प्रदूषण (Groundwater Pollution) वह स्थिति है, जिसमें जल में हानिकारक रासायनिक पदार्थों, सूक्ष्मजीवों या अन्य प्रदूषकों की मात्रा बढ़ने से उसकी गुणवत्ता प्रभावित होती है। जल प्रदूषकों को सामान्यतः जैविक (Biological) और अजैविक (Abiotic/Inorganic) श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाता है। आर्सेनिक (Arsenic—As) एक विषैला उपधातु (Metalloid) है, जो भूमिगत जल में अजैविक रासायनिक प्रदूषक के रूप में पाया जाता है। यह पृथ्वी की भू-पर्पटी में प्राकृतिक रूप से उपस्थित होता है और चट्टानों तथा खनिजों से जल में घुल सकता है।
भूमिगत जल में आर्सेनिक मुख्यतः आर्सेनाइट (Arsenite—As III) और आर्सेनेट (Arsenate—As V) के रूप में पाया जाता है। चट्टानों और अवसादों में उपस्थित आर्सेनिक भू-रासायनिक प्रक्रियाओं (Geochemical Processes) द्वारा भूजल में मुक्त हो सकता है। इसके अतिरिक्त, कुछ औद्योगिक गतिविधियाँ, खनन तथा आर्सेनिक युक्त रसायनों का उपयोग भी प्रदूषण के स्रोत हो सकते हैं। भारत में पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश, असम और झारखंड सहित अनेक राज्यों के कुछ क्षेत्रों में भूमिगत जल में आर्सेनिक प्रदूषण पाया गया है।
आर्सेनिक युक्त जल का लंबे समय तक सेवन आर्सेनिकोसिस (Arsenicosis) नामक दीर्घकालिक विषाक्तता उत्पन्न कर सकता है। इसके प्रमुख प्रभावों में त्वचा पर काले धब्बे (Hyperpigmentation), हथेलियों और तलवों की त्वचा का मोटा होना (Hyperkeratosis) तथा त्वचा, फेफड़ों और मूत्राशय के कैंसर का बढ़ा हुआ जोखिम शामिल हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने पेयजल में आर्सेनिक के लिए 0.01 मिलीग्राम प्रति लीटर (10 माइक्रोग्राम प्रति लीटर) का अस्थायी दिशानिर्देश मान निर्धारित किया है। प्रदूषित जल के उपचार के लिए अवशोषण/अधिशोषण (Sorption), रासायनिक अवक्षेपण (Precipitation) तथा उपयुक्त निस्पंदन तकनीकों का उपयोग किया जा सकता है।
अन्य विकल्पों में बैक्टीरिया (Bacteria), शैवाल (Algae) और विषाणु (Viruses) जैविक प्रकृति के प्रदूषकों से संबंधित हैं। बैक्टीरिया एककोशिकीय सूक्ष्मजीव हैं, जिनमें कुछ प्रजातियाँ जलजनित रोग उत्पन्न करती हैं। शैवाल प्रकाश संश्लेषण करने वाले जीव हैं, जिनकी अत्यधिक वृद्धि जल की गुणवत्ता प्रभावित कर सकती है। विषाणु अकोशिकीय संक्रामक कारक हैं, जो दूषित जल के माध्यम से विभिन्न रोग फैला सकते हैं। इसके विपरीत, आर्सेनिक कोई जीव या संक्रामक कारक नहीं, बल्कि एक रासायनिक तत्त्व है। इसलिए दिए गए विकल्पों में आर्सेनिक अजैविक प्रदूषक है।