Previous Year Question
पारिस्थितिकीय निकाय के रूप में आर्द्र भूमि (बरसाती जमीन) निम्नलिखित में से किस हेतु उपयोगी है ?
पोषक पुनर्प्राप्ति एवं चक्रण हेतु
पौधों द्वारा अवशोषण के माध्यम से भारी धातुओं को अवमुक्त करने हेतु
तलछट रोक कर नदियों का गादीकरण कम करने हेतु
उपर्युक्त सभी हेतु
Correct Answer: D
Detailed Solution
आर्द्रभूमि (Wetland) एक महत्वपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) है, जहाँ भूमि स्थायी या मौसमी रूप से जल से संतृप्त अथवा जलमग्न रहती है। इसमें दलदल (Marshes), झीलों के उथले क्षेत्र, बाढ़ के मैदान (Floodplains), मैंग्रोव और अन्य जलयुक्त क्षेत्र शामिल हैं। आर्द्रभूमियाँ पोषक तत्त्वों के पुनर्चक्रण, भारी धातुओं के अवशोषण तथा तलछट को रोककर जल की गुणवत्ता सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसी कारण इन्हें प्राकृतिक जल शोधक (Natural Water Purifiers) भी कहा जाता है।
पोषक पुनर्प्राप्ति एवं चक्रण (Nutrient Recovery and Cycling) आर्द्रभूमियों का एक महत्वपूर्ण कार्य है। इनमें उपस्थित सूक्ष्मजीव और वनस्पतियाँ नाइट्रोजन (Nitrogen) तथा फॉस्फोरस (Phosphorus) जैसे पोषक तत्त्वों के अवशोषण, भंडारण और रूपांतरण में सहायता करते हैं। मृत जैविक पदार्थों का अपघटन (Decomposition) पोषक तत्त्वों को पुनः पारिस्थितिकी तंत्र में उपलब्ध कराता है। इसके अतिरिक्त, नाइट्रीकरण (Nitrification) और विनाइट्रीकरण (Denitrification) जैसी सूक्ष्मजीवी प्रक्रियाएँ नाइट्रोजन चक्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
आर्द्रभूमियों में उपस्थित जलीय पौधे पादप उपचार (Phytoremediation) के माध्यम से प्रदूषित जल से कुछ भारी धातुओं (Heavy Metals) का अवशोषण कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, जलकुंभी (Water Hyacinth), डकवीड (Duckweed) और एजोला (Azolla) जैसी वनस्पतियाँ कुछ धातुओं को अपनी जड़ों एवं ऊतकों में संचित करती हैं। इसके अतिरिक्त, आर्द्रभूमि की मिट्टी और तलछट धातुओं को अधिशोषण (Adsorption) तथा अवक्षेपण (Precipitation) जैसी प्रक्रियाओं द्वारा स्थिर कर सकती हैं। भारी धातुएँ सामान्यतः नष्ट नहीं होतीं, बल्कि जल से हटकर पौधों या तलछट में संचित होती हैं।
आर्द्रभूमियाँ तलछट अवरोधन (Sediment Trapping) द्वारा नदियों और जलाशयों में गाद के जमाव को भी कम करती हैं। जब बहता हुआ जल आर्द्रभूमि में प्रवेश करता है, तो वनस्पतियों के कारण उसकी गति कम हो जाती है और मिट्टी, रेत तथा गाद के कण नीचे बैठने लगते हैं। इससे आगे स्थित जल निकायों में गादीकरण (Siltation) और तलछट से जुड़े प्रदूषकों की मात्रा कम हो सकती है। आर्द्रभूमियाँ बाढ़ नियंत्रण, भूजल पुनर्भरण (Groundwater Recharge) और जैव विविधता संरक्षण में भी सहायक हैं।